नई दिल्ली: पंजाब के रूपनगर से पहली बार एक मालगाड़ी सफलतापूर्वक कश्मीर घाटी के अनंतनाग गुड्स शेड तक पहुंची। यह कदम कश्मीर को देश के राष्ट्रीय माल ढुलाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा “जम्मू-कश्मीर में वाणिज्य और कनेक्टिविटी के लिए यह एक बेहतरीन दिन है। इससे प्रगति और समृद्धि दोनों बढ़ेंगी।”
रेल मंत्री ने कही ये बात
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा पंजाब से पहली मालगाड़ी कश्मीर घाटी के नवनिर्मित अनंतनाग गुड्स शेड पहुंची। इससे कश्मीर क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से सीधी मालगाड़ी कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे नेटवर्क से माल ढुलाई होने पर कश्मीर में रहने वाले लोगों के लिए लागत कम होगी।
First freight train to the Kashmir valley:
– Today (9.8.2025) first freight train reached newly commissioned Anantnag Goods Shed in the Kashmir Valley from Punjab, marking a significant milestone in connecting the Kashmir region to the national freight network.
– Transportation… pic.twitter.com/UBlUFQJb0P— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) August 9, 2025
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने दी जानकारी
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया यह कश्मीर घाटी में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। पहली मालगाड़ी में सीमेंट के 21 बीसीएन वैगन लदे थे। लगभग 600 किलोमीटर की दूरी मालगाड़ी ने 18 घंटे से भी कम समय में पूरी की। सीमेंट का उपयोग घाटी में सड़कों, पुलों, सार्वजनिक ढांचे और आवासीय भवनों के निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में होगा।
यात्रा की पूरी समयरेखा
-7 अगस्त, रात 11:14 बजे – उत्तर रेलवे को मालगाड़ी की मांग भेजी गई।
-8 अगस्त, सुबह 9:40 बजे – रेक की व्यवस्था की गई।
-8 अगस्त, शाम 6:10 बजे – लोडिंग पूरी हुई।
-8 अगस्त, शाम 6:55 बजे – मालगाड़ी पंजाब के रूपनगर में गुजरात अंबुजा सीमेंट लिमिटेड (GACL) सुविधा से रवाना हुई।
तकनीकी जानकारी
-मालगाड़ी को इलेक्ट्रिक वेब-9 लोकोमोटिव से चलाया गया।
-यह रेलवे के आधुनिक और तेज परिवहन क्षमता का उदाहरण है।
कश्मीर घाटी में विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा
यह सिर्फ एक लॉजिस्टिकल उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रगति और एकीकरण का प्रतीक है। कश्मीर घाटी में आर्थिक और लॉजिस्टिक विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा। इस कदम से स्थानीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गति बढ़ेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।