Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान हो चुका है। दो चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। 6 और 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। जिसके बाद 14 नवंबर को चुनाव नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसको लेकर चुनाव आयोग ने अपनी सभी कागजी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोग की टीम ने दो दिन का बिहार दौरा भी किया, ताकि जमीनी हालात का जायजा लिया जा सके। इस दौरान आयोग ने सभी जिलों के डीएम, एसएसपी, कमिश्नर और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और तैयारियों की समीक्षा की। रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार बिहार चुनाव में कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे। तकनीक की मदद से मतदान प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा।

100 प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार हर मतदान केंद्र पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की जाएगी। यानी, हर पोलिंग बूथ पर कैमरे के ज़रिए लाइव निगरानी होगी। इसके साथ ही, एक मतदान केंद्र पर 1200 से ज़्यादा वोटर नहीं होंगे। यह व्यवस्था पहले बिहार में लागू होगी और फिर पूरे देश में अपनाई जाएगी।
अब ईवीएम में दिखेगी रंगीन फोटो
अब तक ईवीएम मशीनों पर प्रत्याशियों की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो होती थी, जिससे चेहरा पहचानने में परेशानी होती थी। अब चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि इस बार रंगीन फोटो लगाई जाएगी ताकि वोटरों को प्रत्याशी को पहचानने में आसानी हो। इसके अलावा ईवीएम में सीरियल नंबर बड़ा और साफ़ दिखाई देगा।
ये भी पढ़ेंः Bihar Election 2025: बिहार में दो चरणों में होंगे चुनाव, इलेक्शन कमीशन ने किया तारीखों का ऐलान
मोबाइल लेकर जा सकेंगे मतदान केंद्र तक
पहले मतदान केंद्र के आसपास मोबाइल फोन ले जाना मना था। लेकिन अब आयोग ने नया नियम बनाया है। वोटर मतदान केंद्र परिसर तक मोबाइल लेकर जा सकते हैं। हालांकि, मतदान कक्ष में प्रवेश करने से पहले उन्हें मोबाइल बाहर अधिकारी के पास जमा करना होगा।
प्रत्याशी अपने बूथ पोलिंग स्टेशन के पास लगा सकेंगे
अब उम्मीदवारों को अपने समर्थकों के लिए बहुत दूर बूथ नहीं बनाना पड़ेगा। आयोग ने बताया कि अब प्रत्याशी मतदान केंद्र से केवल 100 मीटर की दूरी पर अपना बूथ या टेबल लगा सकेंगे।
वीवीपैट की दोबारा गिनती होगी
अगर EVM और VVPAT के वोटों में कोई अंतर पाया गया तो अब VVPAT की गिनती दोबारा की जाएगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि EVM के आखिरी दो राउंड से पहले पोस्टल वोटों की गिनती होगी।
पहली बार दिल्ली में हुई बीएलओ की ट्रेनिंग
पहले बीएलओ (Booth Level Officer) की ट्रेनिंग राज्य या जिले में ही होती थी। लेकिन इस बार पहली बार बिहार के सभी बीएलओ की ट्रेनिंग दिल्ली में कराई गई है। आयोग ने कहा कि आगे से सभी राज्यों के बीएलओ की ट्रेनिंग भी दिल्ली में होगी।
वोटरों का डेटा जल्दी जारी होगा
अब तक चुनाव खत्म होने के बाद वोटिंग से जुड़ा डेटा तैयार करने और जारी करने में कई दिन लग जाते थे। लेकिन अब आयोग ने नई तकनीक अपनाई है जिससे कुछ ही दिनों में वोटिंग का पूरा इंडैक्स तैयार हो जाएगा जैसे कितने लोगों ने मतदान किया, किस श्रेणी के वोटर थे आदि।
चुनाव आयोग ने किये ये बड़े बदलाव
मेष: दिन शुभ रहेगा...