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मंत्रियों की बल्ले-बल्ले, वेतन-भत्तों में हुई भारी बढ़ोतरी… सरकारी नौकरियां में बंपर भर्ती का ऐलान

नेशनल डेस्क: बिहार की नीतीश सरकार ने मंत्रियों का वेतन बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों के वेतन में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने सरकारी नौकरियों में बंपर भर्ती का भी ऐलान किया है।

मंत्रियों के वेतन में वृद्धि
अब राज्य मंत्रियों का मासिक वेतन 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, उप मंत्रियों का वेतन भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये किया गया है। इसके साथ ही, क्षेत्रीय भत्ता भी बढ़ा दिया गया है। पहले यह 55,000 रुपये था, अब इसे बढ़ाकर 70,000 रुपये कर दिया गया है।

दैनिक भत्ते को भी बढ़ाया गया है। अब राज्य मंत्रियों को 3,000 रुपये के बजाय 3,500 रुपये दैनिक भत्ता मिलेगा। इसके अलावा, आतिथ्य भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य मंत्री के लिए यह भत्ता अब 29,500 रुपये होगा, जो पहले 24,000 रुपये था। उप मंत्री के लिए यह बढ़कर 29,000 रुपये होगा, जो पहले 23,500 रुपये था। अब सरकारी कर्तव्यों के लिए राज्य मंत्रियों और उप मंत्रियों को 15 रुपये प्रति किलोमीटर के बजाय 25 रुपये प्रति किलोमीटर मिलेगा।

सरकारी नौकरियों में बंपर भर्ती
नीतीश सरकार ने सरकारी नौकरियों की बहाली को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। बिहार चुनाव से पहले राज्य में हजारों नई नौकरियां दी जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग में 20,000 से अधिक नए पद बनाए गए हैं, जिन पर जल्द नियुक्तियां होंगी। कैबिनेट सचिवालय के तहत सहायक उर्दू अनुवादक के 3,306 पद सृजित किए गए हैं। कृषि विभाग में लिपिक संवर्ग के 2,590 पदों के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा, मद्य निषेध विभाग में मद्य निषेध सिपाही, कार्यालय परिचारी, निम्न वर्गीय लिपिक और प्रयोगशाला सहायक जैसे पदों पर भी भर्ती होगी। बिहार कर्मचारी चयन आयोग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 29 पद और कार्यालय परिचारी के 6 पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य विभाग में एकीकृत आयुष अस्पताल पटना के संचालन के लिए 36 नए पदों का सृजन किया गया है।

कुल 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर
इस बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। इन प्रस्तावों में कृषि, नगर विकास एवं आवास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, सामान्य प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, खान एवं भूतत्व, मंत्रिमंडल सचिवालय और उद्योग विभाग से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इस फैसले के बाद बिहार में मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है, साथ ही सरकार के कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सामने आ रहे हैं।

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