नेशनल डेस्क। आज 30 सितंबर को चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। अब लोग ऑनलाइन लिंक के जरिए यह देख सकते हैं कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। इस बार कुल 7 करोड़ 30 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल किए गए हैं। इनमें से 14 लाख से अधिक नए मतदाता जोड़े गए हैं। नए मतदाता ज्यादातर वे युवा हैं, जिनकी उम्र अब 18 साल से ऊपर हो चुकी है। चुनाव आयोग ने लिस्ट को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के साथ-साथ हर जिले के निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में मतदाता सूची की भौतिक प्रति (फिजिकल कॉपी) भी रख दी है। सभी राजनीतिक दलों को भी यह सूची उपलब्ध कराई गई है।
65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए
जून महीने से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य की शुरुआत की गई थी। पहले मतदाता संख्या थी – 7 करोड़ 89 लाख। पुनरीक्षण के बाद 65 लाख नाम हटाए गए। इनमें से 22 लाख मृत मतदाता थे। करीब 35 लाख लोग विस्थापित हो चुके थे। करीब 7 लाख नाम दो जगह दर्ज पाए गए। चुनाव आयोग ने इन मामलों में लोगों को 30 दिन तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया था।
नाम जोड़ने का मौका अभी भी है
अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से छूट गया है, तो अभी भी जोड़ा जा सकता है। चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख से 10 दिन पहले तक नाम जुड़वाने का अवसर है। इसके लिए Form 6 भरना होगा। आज से ही सभी जिलाधिकारी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को फाइनल वोटर लिस्ट की कॉपी सौंपेंगे। इस प्रक्रिया की फोटोग्राफी भी होगी।
कैसे चेक करें अपना नाम
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि कोई भी मतदाता दिए गए लिंक https://voters.eci.gov.in/home/enumFormTrack के माध्यम से मतदाता सूची में अपने नाम का विवरण देख सकते हैं।
22 साल बाद बिहार में विशेष पुनरीक्षण
बिहार में पिछले 22 सालों बाद इतनी बड़ी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया गया। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 1 अगस्त को जारी की गई थी। 1 सितंबर तक लोगों और राजनीतिक दलों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 7.24 करोड़ वोटर थे।
विपक्ष के विरोध करने पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब
विपक्षी दल लगातार इस विशेष पुनरीक्षण का विरोध करते रहे। उनका कहना था कि इससे कई वास्तविक नागरिक मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। लेकिन चुनाव आयोग ने साफ किया कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर नहीं होगा। कोई भी अपात्र व्यक्ति लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा।
बिहार चुनाव की तरिखों का जल्द हो सकता है ऐलान
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। पिछला चुनाव 2020 में तीन चरणों में हुआ था। अब अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अगले हफ्ते चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। 4 और 5 अक्टूबर को चुनाव आयोग की टीम पटना का दौरा करेगी और तैयारियों की समीक्षा करेगी। संभावना है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले हफ्ते हो जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि पहला चरण छठ पर्व के तुरंत बाद, अक्टूबर के अंत में हो सकता है। चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों के उपचुनावों के लिए 470 पर्यवेक्षकों को तैनात करेगा।

