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Pahalgam Terror Attack : भारत ने फिर लिया डिजिटल एक्शन, बिलावल भुट्टो और इमरान खान के X अकाउंट किए ब्लॉक

नेशनल डेस्क : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने पाकिस्तान के दो प्रमुख नेताओं बिलावल भुट्टो जरदारी (पीपीपी अध्यक्ष) और इमरान खान (पूर्व प्रधानमंत्री व पीटीआई प्रमुख) के X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट्स को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। इससे पहले भी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का X अकाउंट भारत में बैन किया गया था, जिन्होंने भारत पर परमाणु हमले की धमकी तक दी थी। आइए जानते इस खबर को विस्तार से…

बिलावल भुट्टो का उग्र बयान

बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक रैली में भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए कहा था, “सिंधु हमारी है और हमारी ही रहेगी, या तो हमारा पानी इसमें बहेगा या उनका खून।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिंध और सिंधु के लोगों के सदियों पुराने रिश्ते को तोड़ नहीं सकते। उन्होंने मोहनजोदड़ो सभ्यता को लेकर भी भारत पर सांस्कृतिक हमला करने का आरोप लगाया और सिंध की रक्षा की बात की। ये बयान भारत में आक्रामक और उकसावेभरे माने गए, जिससे डिजिटल प्रतिबंध का रास्ता साफ हुआ।

इमरान खान पर कार्रवाई

पूर्व पीएम इमरान खान पर भी भारत विरोधी प्रचार फैलाने और डिजिटल माध्यमों से भारतीय नीति व प्रतिष्ठानों पर निशाना साधने का आरोप है। भारत सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अब उनका X अकाउंट भारत में देखा नहीं जा सकता।

पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर पहले ही लग चुकी है रोक

इससे पहले भारत सरकार ने डॉन न्यूज, एआरवाई न्यूज, बोल न्यूज, जियो न्यूज, रफ्तार, द पाकिस्तान रेफरेंस, सुनो न्यूज HD, अमर चीमा एक्सक्लूसिव, और क्रिकेटर शोएब अख्तर समेत कई चैनलों को भारत में ब्लॉक कर दिया था। इन चैनलों पर भारत-विरोधी खबरें और अफवाहें फैलाने का आरोप था। इन चैनलों के करोड़ों सब्सक्राइबर्स हैं, लेकिन अब भारतीय दर्शकों को इन तक पहुंच नहीं है।

PSL का प्रसारण भी हुआ बंद

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) पर भी भारत सरकार ने डिजिटल बैन लगाया है। Fancode ऐप ने 24 अप्रैल से PSL का प्रसारण भारत में बंद कर दिया। इसके अलावा Sony Sports Network ने भी PSL के सभी मैचों के ब्रॉडकास्टिंग को बंद कर दिया है। यह कदम सीमा पार से हो रहे साइबर व विचारधारा आधारित हमलों को रोकने की रणनीति का हिस्सा है।

डिजिटल स्पेस में सख्ती… 

भारत ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल मंचों का प्रयोग देश-विरोधी प्रचार के लिए करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह डिजिटल कार्रवाई न केवल प्रतिकारात्मक है बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है कि भारत अब साइबर और डिजिटल मोर्चे पर भी हर तरह के मानसिक युद्ध के लिए तैयार है।

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