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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘मुरमा’ कहने पर भड़की भाजपा, कहा- अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगे खड़गे

Rahul Gandhi hatched conspiracy embarrass India

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नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाटिया ने कहा कि खड़गे ने ऐसे शब्द इस्तेमाल किए जो कांग्रेस पार्टी की आदिवासी विरोधी मानसिकता को दिखाते हैं। भाजपा ने कहा अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगे खड़गे।

द्रौपदी मुर्मू को ‘मुरमा जी’ कहा, जो सम्मानजनक नहीं

उन्होंने बताया कि खड़गे ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भी अपमान किया है, कोविंद जी को कोविड जी कहा। गौरव भाटिया ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस की हर कोई निंदा कर रहा है। खड़गे ने द्रौपदी मुर्मू को ‘मुरमा जी’ कहा, जो सम्मानजनक नहीं है, और फिर उन्हें ‘भू-माफिया’ भी कहा। पूरा देश जानता है कि असली भू-माफिया नकली गांधी परिवार ही है।”

‘राष्ट्रपत्नी’ कहते हुए आदिवासी महिला का अपमान किया 

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी बताया कि कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं हैं। उदित राज ने कहा कि किसी भी देश को द्रौपदी मुर्मू जैसा राष्ट्रपति नहीं मिलना चाहिए। अधीर चौधरी ने ‘राष्ट्रपति’ को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहते हुए आदिवासी महिला का अपमान किया। अजॉय कुमार ने भी द्रौपदी मुर्मू के बारे में नकारात्मक टिप्पणी की। गौरव भाटिया ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की यह टिप्पणी ‘जुबान फिसलने’ की वजह से नहीं बल्कि जानबूझकर की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या खड़गे अपनी इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे।

शहजाद पुनावाला ने भी कांग्रेस को घेरा 

इसके अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पुनावाला ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “खड़गे जी (मल्लिकार्जुन खड़गे) द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मुर्मा जी, कोविंद जी को कोविड जी कहना और फिर उन्हें जमीन हड़पने वाला कहना, एससी और एसटी समुदाय के प्रति कांग्रेस की गहरी नफरत को दर्शाता है। और बार-बार उन्होंने इस तरह का व्यवहार दिखाया है। उन्होंने देश के शीर्ष पद का अपमान किया है। संवैधानिक पदों के प्रति कांग्रेस की यही परंपरा रही है। उन्होंने न तो भारत के मुख्य न्यायाधीश, न ही प्रधानमंत्री और न ही राष्ट्रपति को बख्शा… यह दर्शाता है कि प्रथम परिवार केवल एससी और एसटी समुदायों का अपमान करना चाहता है।”

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