Site icon Dainik Savera Times

Air india plane crash : अमेरिका भेजा जाएगा Black Box, इस वजह से लिया गया फैसला

नेशनल डेस्क : 12 जून को अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह हादसा भारत के एविएशन इतिहास की सबसे गंभीर घटनाओं में गिना जा रहा है। विमान में 242 यात्री सवार थे, लेकिन हादसे में कुल 270 लोगों की जान चली गई, जिनमें विमान से टकराई इमारत के निवासी भी शामिल थे। हादसे की जांच अब तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है, जिसमें ब्लैक बॉक्स यानी फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की भूमिका बेहद अहम हो गई है।

भारत में नहीं निकल पा रहा डेटा…

आपको बता दें कि हादसे के बाद बरामद किए गए ब्लैक बॉक्स को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यह सामने आई कि वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे भारत में उसका डेटा रिकवर कर पाना नामुमकिन है। इसलिए अब उसे अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। भारतीय अधिकारियों की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो।

जांच में ब्रिटेन की टीम भी शामिल

चूंकि इस हादसे में 53 ब्रिटिश नागरिकों की मौत हुई है, इसलिए जांच प्रक्रिया में ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB-UK) के अधिकारी भी भाग ले रहे हैं। इससे यह एक अंतरराष्ट्रीय जांच प्रक्रिया बन गई है, जिसमें सहयोग और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।

डेटा रिकवरी की तकनीकी प्रक्रिया

ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने के लिए उसकी मेमोरी चिप को सावधानीपूर्वक सर्किट बोर्ड से अलग किया जाएगा ताकि किसी और तरह की क्षति न हो। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की भी जांच की जाएगी कि वह काम कर रहा है या नहीं। यह एक संवेदनशील और उच्च तकनीकी प्रक्रिया है, जो फिलहाल भारत में संभव नहीं है।

जांच के प्रमुख तकनीकी बिंदु…

जांचकर्ता अब कई अहम सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं…

-क्या लैंडिंग गियर समय से पहले खुल गया था?

-क्या इंजन फेल होने का कारण ईंधन की गुणवत्ता से जुड़ा था?

-क्या फ्लैप्स समय पर खुले?

-क्या कोई सेंसर या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल हुआ?

इन सभी सवालों के जवाब ब्लैक बॉक्स से मिल सकते हैं, इसलिए इसकी सटीक जांच बेहद जरूरी हो गई है।

सिर्फ एक ‘Mayday’ कॉल, फिर कोई संपर्क नहीं

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा के अनुसार, हादसे से पहले पायलट ने सिर्फ एक बार ‘Mayday’ कॉल की थी। इसके बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से कोई संपर्क नहीं हुआ। यह चौंकाने वाला तथ्य भी ब्लैक बॉक्स की जांच को और महत्वपूर्ण बनाता है।

हादसे की अब तक की स्थिति

हालांकि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अभी तक औपचारिक जांच समिति का गठन नहीं किया है, लेकिन नियमानुसार उन्हें एक महीने के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल करनी है। अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि हादसे के बाद विमान तेजी से नीचे गिरा और रिहायशी इलाके से टकराकर भीषण विस्फोट में तब्दील हो गया। यह हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि तकनीकी, मानव त्रुटि और सुरक्षा तंत्र की गहन जांच का मामला बन गया है। ब्लैक बॉक्स से मिलने वाला डेटा न केवल इस हादसे के कारणों को उजागर करेगा, बल्कि भारत की विमानन सुरक्षा प्रणाली को भविष्य में मजबूत करने में भी मदद करेगा।

Exit mobile version