Site icon Dainik Savera Times

Vidoe : ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा लगाते हुए भीड़ पर फेंका बम… अमेरिका में बड़ा हमला

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के कोलोराडो राज्य के बोल्डर शहर में एक व्यक्ति ने ‘फ्री फिलिस्तीन’ चिल्लाते हुए भीड़ पर आग लगाने वाला बम फेंका, जिससे कम से कम 6 लोग घायल हो गए। यह घटना रविवार को उस समय हुई जब यहूदी समुदाय के लोग गाज़ा में बचे इजरायली बंधकों की याद में एक प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे थे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

हमलावर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी

आपको बता दें कि FBI ने इस हमले को एक “आतंकवादी कृत्य” (Act of Terror) करार दिया है। संदिग्ध की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद साबरी सोलिमा के रूप में की गई है, जिसे घटना के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया है। FBI के अनुसार, हमलावर ने भीड़ पर बम फेंकते हुए ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाए।

यहूदी समुदाय पर था निशाना…

FBI डायरेक्टर काश पटेल ने इस घटना को “एक लक्षित आतंकवादी हमला” बताया। वहीं, कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल फिल वीजर ने इसे “हेट क्राइम” करार दिया, क्योंकि हमला यहूदी समुदाय पर किया गया था। बोल्डर पुलिस प्रमुख स्टीफन रेडफर्न ने घटना को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया और लोगों से पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

“हर कोई चिल्ला रहा था, पानी लाओ!”

एक चश्मदीद कॉफमैन ने बताया कि उसने हमलावर को देखा जो बिना शर्ट के खड़ा था, हाथ में कांच की बोतल लिए हुए और जोर-जोर से चिल्ला रहा था। जैसे ही हमला हुआ, चारों ओर अफरातफरी मच गई, लोग “पानी लाओ, पानी लाओ!” चिल्ला रहे थे, क्योंकि कुछ लोग जलने की चोट से पीड़ित थे।

गाजा युद्ध के असर में अमेरिका में तनाव

यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका में गाज़ा में चल रहे इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव पहले से ही तेज है। यहूदी विरोधी घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, और फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों को लेकर भी विवाद बढ़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में फिलिस्तीन समर्थक आवाजों को यहूदी विरोधी बताया गया है। उनकी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना, और ऐसे विरोधों की अनुमति देने वाले अमेरिकी विश्वविद्यालयों की फंडिंग में कटौती जैसे कदम उठाए हैं।

सीनेटर चक शूमर की प्रतिक्रिया

अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेट नेता और वरिष्ठ यहूदी राजनेता चक शूमर ने इस हमले पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “यह भयावह है, और इसे जारी नहीं रहने दिया जा सकता। हमें यहूदी विरोधी भावना के खिलाफ खड़ा होना होगा।”

इससे पहले भी हुई थी हिंसा

यह घटना कुछ हफ्ते पहले वॉशिंगटन डीसी में इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोलीबारी के बाद सामने आई है। उस हमले में भी एक अमेरिकी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि अमेरिका में इजरायल और फिलिस्तीन को लेकर चल रहा संघर्ष समाज को गंभीर रूप से विभाजित कर रहा है।

Exit mobile version