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UK नेवी के फाइटर जेट की तिरुवनंतपुरम Airport पर हुई आपात लैंडिंग… जानिए क्या है पूरा मामला

June 15, 2025

UK नेवी के फाइटर जेट की तिरुवनंतपुरम Airport पर हुई आपात लैंडिंग… जानिए क्या है पूरा मामला

नेशनल डेस्क : केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक अनोखी और गंभीर स्थिति देखने को मिली, जब ब्रिटेन की नौसेना (यूके नेवी) के एक फाइटर जेट ने वहां आपातकालीन लैंडिंग की। यह फाइटर जेट अत्याधुनिक एफ-35 था, जो प्रशिक्षण उड़ान पर था। इस जेट की लैंडिंग इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि खराब मौसम के कारण वह अपने मूल लक्ष्य, यानी यूके नेवी के शिप पर सुरक्षित नहीं उतर सका। जिसके बाद स्थिति को बिगड़ते देख, पायलट ने भारतीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

इमरजेंसी में मिली लैंडिंग की इजाजत

आपको बात दें कि तिरुवनंतपुरम से करीब 100 नॉटिकल माइल की दूरी पर यूके नेवी का जहाज मौजूद था, लेकिन खराब मौसम के चलते शिप पर लैंडिंग की कई कोशिशें नाकाम हो गईं। बार-बार प्रयास करने से जेट का ईंधन भी कम हो गया, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए। दरअसल, स्थिति को बिगड़ते देख, पायलट ने भारतीय एयर ट्रैफिक कंट्रोल से आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी। भारतीय अथॉरिटी ने मानवीय और सुरक्षा कारणों को देखते हुए अनुमति दे दी और इस प्रकार शनिवार रात करीब 9 बजे फाइटर जेट ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की। यह लैंडिंग बिना किसी नुकसान के हुई, जिससे राहत की सांस ली गई।

कानूनी जांच और ईंधन भराई के बाद ही अगली उड़ान

फिलहाल इस फाइटर जेट को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के डोमेस्टिक सेक्शन के एक हैंगर में रखा गया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, विमान की सुरक्षा जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसे ईंधन भरने की अनुमति दी जाएगी और फिर से उड़ान की इजाजत मिलेगी। जब भी किसी विदेशी सैन्य विमान को भारत में लैंडिंग करनी होती है, तो उसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ध्यान में रखते हुए पूरी जांच की जाती है।

भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं का साझा अभ्यास

इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि में यह भी उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन की नौसेनाएं हाल ही में एक साझा युद्धाभ्यास कर चुकी हैं। यह अभ्यास 9 और 10 जून को नॉर्थ अरेबियन सी में हुआ था, जिसमें यूके नेवी के एफ-35 फाइटर जेट ने भी हिस्सा लिया था। प्रशिक्षण उड़ान उसी युद्धाभ्यास का हिस्सा थी और तभी यह अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हुई।

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि भारत और ब्रिटेन जैसे देशों के बीच रक्षा सहयोग और पारस्परिक समझ कितनी मजबूत है। आपातकालीन परिस्थिति में भारत ने तेजी से निर्णय लेकर न केवल एक विदेशी मित्र देश के सैन्य विमान को सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हर परिस्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।

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