नेशनल डेस्क। देश में महंगाई कम हो रही है, जिससे आम लोगों को काफी राहत मिली है। सरकार ने सोमवार 14 जुलाई को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी किए। इससे पता चला कि जून 2025 में थोक महंगाई दर सिर्फ 0.13% रही, जो कि पिछले 20 महीनों में सबसे कम है। इससे पहले मई में यह दर 0.39% थी। इसका मतलब है कि महंगाई में तेजी से गिरावट आई है। इस संबंधी सरकार का कहना है कि कच्चा तेल (क्रूड), प्राकृतिक गैस, खनिज तेल और धातु (मेटल्स) जैसी चीजों के दाम कम हुए हैं, जिससे WPI में यह गिरावट आई है। इसके साथ ही खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी घटी हैं।
रसोई का सामान हुआ सस्ता
-खाने-पीने की चीजों में जून में सब्जियों की महंगाई दर 22.65% रही, जो मई में 21.62% थी। हालांकि प्याज की महंगाई दर बढ़कर 33.49% पहुंच गई (मई में 14.41%) लेकिन आलू की कीमत में बड़ी गिरावट देखी गई 32.67% की कमी, जो मई में 29.42% थी।
-दालों के दाम भी जून में 22.65% तक घटे, जबकि मई में यह गिरावट 10.41% थी। अनाज की महंगाई में भी कमी आई जून में 3.75%, जो मई में 2.56% थी।
-कुल मिलाकर, रसोई के सामान सस्ते होने से आम आदमी की जेब पर बोझ कम हुआ है।

ईंधन और बिजली भी हुए सस्ते
जून में ईंधन और बिजली की महंगाई दर गिरकर सिर्फ 2.65% रह गई, जबकि मई में यह 22.27% थी। इसका मतलब है कि पेट्रोल, डीजल और बिजली जैसी चीजों की कीमतों में भी बड़ी राहत मिली है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स, यानी फैक्टरी में बनने वाली चीजें, जिनका थोक मूल्य सूचकांक में सबसे बड़ा हिस्सा होता है (करीब 60%), उनकी महंगाई दर जून में 1.97% रही। यह भी एक अच्छी खबर है।
प्राइमरी वस्तुएं भी सस्ती हुईं
जिन चीजों को कच्चा माल या “प्राइमरी आर्टिकल्स” कहते हैं जैसे फसलें, जानवरों से मिलने वाले उत्पाद, खनिज आदि उनकी महंगाई जून में 3.38% तक कम रही, जबकि मई में यह कमी 2.02% थी।
आगे और राहत मिलने की उम्मीद
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल 2025 की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक में कहा था कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम हो रही है। RBI का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में महंगाई और घटेगी। पहले इसका अनुमान 4.2% था, लेकिन अब इसे घटाकर 4% कर दिया गया है।