नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की कड़ी निंदा की गई। इसके साथ ही पुणे मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण, झरिया कोलफील्ड पुनर्वास और आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना के लिए भी मंजूरी दी गई।
आपातकाल के 50 साल पर कैबिनेट का प्रस्ताव
कैबिनेट ने आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों और लोकतंत्र की हत्या की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उन सभी व्यक्तियों के बलिदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने का संकल्प लिया जिन्होंने आपातकाल और भारतीय संविधान की भावना को नष्ट करने के प्रयास का विरोध किया था। कैबिनेट की बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया, जो उन लोगों को श्रद्धांजलि था जिनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लिया गया था। साथ ही, यह भी कहा गया कि 2025 में संविधान हत्या दिवस के 50 साल पूरे होंगे, जिस दिन भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर हमला किया गया था।
पुणे मेट्रो परियोजना को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने पुणे मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना में दो एलिवेटेड कॉरिडोर होंगे, जो 12.75 किलोमीटर तक फैले होंगे और 13 स्टेशन शामिल होंगे। यह परियोजना 3626 करोड़ रुपये की लागत से चार साल में पूरी होगी।
झरिया कोलफील्ड पुनर्वास योजना
कैबिनेट ने झरिया कोलफील्ड के लिए संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत आग, भूमि धंसाव और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कुल 5940 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में सुधार करना और प्रभावित लोगों को बेहतर जीवन प्रदान करना है।
आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आगरा, उत्तर प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (CSARC) की स्थापना के लिए 111.5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस केंद्र का उद्देश्य आलू और शकरकंद की उत्पादकता में सुधार और किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है।

