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केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पूरी तरह से हुई विफल साबित : Saurabh Bhardwaj

Saurabh Bhardwaj

Saurabh Bhardwaj

Ayushman Bharat Yojana : दीपावली के शुभ अवसर पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज दिल्ली सरकार के जीबी पंत अस्पताल में हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीजों से मुलाकात करने पहुंचे। मंत्री सौरभ भारद्वाज ने हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और साथ ही साथ वार्ड में भर्ती सभी मरीजों को फल वितरित कर दीपावली की शुभकामनाएं दी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक हृदय रोग विभाग में भर्ती मरीजों में लगभग 80 प्रतिशत मरीज भाजपा शासित राज्यों से आए हुए थे। दिल्ली सरकार के मुताबिक बिना भेदभाव के सभी मरीजों का मुफ्त इलाज हो रहा है। दिल्ली सरकार के मुताबिक इस विभाग में भर्ती लगभग 80 प्रतिशत मरीज़ भाजपा शासित राज्यों से आए हुए थे अर्थात 80 प्रतिशत मरीज दिल्ली से बाहर के थे, जो कि बड़े ही दूरदराज के इलाकों से चलकर दिल्ली सरकार के अस्पताल में अपना इलाज कराने आए थे। दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों के साथ-साथ देश के कोने-कोने से आने वाले सभी लोगों का भी बिना किसी भेदभाव के पूर्ण रूप से मुफ्त इलाज करती है।

सौरभ भारद्वाज के मुताबिक अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली में शुरू की गई स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी सुचारू रूप से चल रही है। निरीक्षण के दौरान जितने भी मरीजों से मैंने मुलाकात की, उनमें से लगभग 80 प्रतिशत मरीज़ भाजपा शासित राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा अन्य राज्यों से आए हुए थे। हमें बेहद खुशी है कि दिल्ली के लोगों के साथ-साथ हम दिल्ली से बाहर के लोगों का भी मुफ्त इलाज कर रहे हैं। परंतु यहां एक बड़ा प्रश्न यह उठता है कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी चीख-चीखकर केंद्र सरकार की जिस स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत का गुणगान करते नहीं थकती, उन भाजपा शासित राज्यों से दिल्ली सरकार के अस्पतालों में लगभग 80 प्रतिशत मरीज पाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह बेहद ही हैरान करने वाली बात है कि भाजपा शासित राज्यों में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ इन गरीब लोगों को नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि यह गरीब लोग सैकड़ों किलोमीटर और कई घंटे का सफर तय करके दिल्ली जाकर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अपना इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। मरीजों से बातचीत के दौरान पता चला कि कोई मरीज उत्तराखंड से आया है, कोई मरीज उत्तर प्रदेश के संभल से आया है, कोई मरीज उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आया है, तो कोई मरीज उत्तर प्रदेश के पिलखुवा से आया है। 100 से 200 किलोमीटर तक की दूरी और कई घंटे का सफर तय करके यह लोग मजबूर होकर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अपना इलाज कराने के लिए आए हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तथा भाजपा शासित अन्य राज्यों में लोगों को मुफ्त और पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है।

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के नोएडा गाजियाबाद में सैकड़ों प्राइवेट अस्पताल हैं, इसी प्रकार से हरियाणा के गुड़गांव तथा आसपास के शहरी क्षेत्र में सैकड़ों बड़े-बड़े प्राइवेट अस्पताल हैं, फिर भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा भाजपा शासित अन्य राज्यों के लोग दिल्ली जाकर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में अपना इलाज करने के लिए मजबूर हैं, आखिर ऐसा क्यों है? इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना केवल और केवल कागजों पर उपलब्ध है, जमीनी स्तर पर किसी गरीब व्यक्ति को इस योजना का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सही मायने में आयुष्मान भारत योजना का लाभ गरीबों को मिल रहा होता, तो सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके इन गरीब लोगों को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आकर अपना इलाज कराने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। यदि आयुष्मान भारत योजना का लाभ भाजपा शासित राज्यों में गरीबों को मिल रहा है तो ये गरीब लोग दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में आने को क्यों मजबूर हैं। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना पूरी तरीके से एक फेल योजना है, इसका लाभ किसी भी गरीब व्यक्ति को नहीं मिल पा रहा है।

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