नेशनल डेस्क : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार, 9 जून 2025 को एक दुखद घटना घटी, जिसमें सुरक्षा बलों पर माओवादी उग्रवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी (Improvised Explosive Device) विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश राव गिरिपंजे की मृत्यु हो गई। इस हमले में कम से कम दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कोंटा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा के पास हुई, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है।
ASP आकाश राव गिरिपंजे शहीद
सोमवार सुबह, कोंटा क्षेत्र के ASP आकाश राव गिरिपंजे और उनकी टीम इलाके में गश्त पर थे। इस दौरान, माओवादियों ने सड़क किनारे एक प्रेशर आईईडी लगाया था, जो सुरक्षा बलों के वाहन के गुजरने पर विस्फोटित हो गया। विस्फोट में ASP गिरिपंजे की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि अन्य दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
Chhattisgarh | A pressure IED blast near Dondra on Konta-Errabora road; ASP Konta Division, District Sukma, Akash Rao Giripunje sustains serious injuries. Some other officers and jawans have also been injured in this pressure IED blast: IG Bastar P Sundarraj pic.twitter.com/BwFMvSCwb1
— ANI (@ANI) June 9, 2025
माओवादी हमले की बढ़ती घटनाएँ
यह हमला माओवादी उग्रवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की लगातार बढ़ती घटनाओं का हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में, सुकमा और आसपास के क्षेत्रों में कई बार प्रेशर आईईडी विस्फोट हुए हैं, जिनमें सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2024 में भी नक्सलियों द्वारा लगाए गए एक आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ की कोबरा इकाई का एक अधिकारी घायल हो गया था। छत्तीसगढ़ में माओवादी उग्रवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED (Improvised Explosive Device) विस्फोटों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा बलों और नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। इन विस्फोटों के कारण कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कुछ की जान भी जा चुकी है।
विस्फोटों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही…
छत्तीसगढ़ में माओवादी उग्रवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED (Improvised Explosive Device) विस्फोटों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा बलों और नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। इन विस्फोटों के कारण कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कुछ की जान भी जा चुकी है।
प्रमुख IED घटनाएँ
9 जून 2025: सुकमा में ASP की शहादत
सुकमा जिले में एक शक्तिशाली IED विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आकाश गिरेपुंजे शहीद हो गए। इस हमले में दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला माओवादी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए किया।
31 मई 2025: नारायणपुर में IED निष्क्रिय
नारायणपुर जिले के थाना कोहकामेटा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग के दौरान ग्राम गुरमका और खोड़पार के जंगलों से 10 शक्तिशाली IED बरामद कर निष्क्रिय किए। यह कार्रवाई माओवादी गतिविधियों को रोकने के लिए की गई।
30 मई 2025: बीजापुर में ग्रामीण घायल
बीजापुर जिले के मद्देड़ नेशनल पार्क में माओवादी IED ब्लास्ट में तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना माओवादी उग्रवादियों द्वारा नागरिकों को निशाना बनाने की एक और मिसाल है।
6 मई 2025: बीजापुर में CRPF अधिकारी घायल
बीजापुर जिले में CRPF के एक अधिकारी सागर बोराडे माओवादी IED ब्लास्ट में घायल हो गए। यह हमला माओवादी उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए किया।
26 अप्रैल 2025: बीजापुर में DRG जवान घायल
बीजापुर जिले में DRG के एक जवान माओवादी IED ब्लास्ट की चपेट में आकर घायल हो गए। यह हमला माओवादी उग्रवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए किया गया।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
सुरक्षा बलों ने इन घटनाओं के बाद माओवादी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हुए कई ऑपरेशन चलाए हैं। “ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट” के तहत 21 अप्रैल से 11 मई 2025 तक की गई कार्रवाई में 31 माओवादी उग्रवादी मारे गए, जिसमें शीर्ष कमांडर भी शामिल थे।
छत्तीसगढ़ में माओवादी उग्रवादियों द्वारा IED विस्फोटों की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा बलों और नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। इन घटनाओं के बावजूद, सुरक्षा बलों ने माओवादी गतिविधियों को रोकने के लिए कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं। राज्य और केंद्र सरकार को इन घटनाओं की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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