
इंटरनेशनल डेस्क : भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 निर्दोष लोगों की याद में चीन के शंघाई और ग्वांगझू प्रांतों में भारतीय दूतावासों द्वारा शोक सभाओं का आयोजन किया गया। ये शोक सभाएं एक ओर जहां उन 26 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर थीं, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारतीय प्रवासी इस आतंकवादी हमले के शिकार हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
शंघाई में शोक सभा
आपको बता दें कि शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर के नेतृत्व में शोक सभा का आयोजन किया। इस सभा में भारतीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ भारत के मित्रों और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य भी शामिल हुए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में, भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने लिखा कि यह सभा पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करने का एक अवसर था।
ग्वांगझू में शोक सभा
ग्वांगझू स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा आयोजित की। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे। इस शोक सभा में 60 से अधिक प्रवासी भारतीय, वाणिज्य दूतावास के अधिकारी, उनके परिवार के सदस्य और भारत के मित्र शामिल हुए। इसके साथ ही, डिजिटल माध्यम से भी कई लोग इस सभा में शामिल हुए।
भारतीय दूतावास का संदेश
भारत के दूतावासों द्वारा आयोजित इन शोक सभाओं ने केवल आतंकवाद के खिलाफ एक एकजुट संदेश दिया, बल्कि यह भी जताया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इन शोक सभाओं में सार्वभौमिक शांति और आतंकी हिंसा के खिलाफ एकजुटता का भी आह्वान किया गया। इस हमले के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय और अन्य सरकारी एजेंसियों ने शोक प्रकट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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