नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अब बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में दिख रहे हैं। उन्होंने खुद पहले भी इस बारे में कई बार संकेत दिए हैं। अब चिराग पासवान के बहनोई और जमुई से सांसद अरुण भारती ने भी इस बात को दोहराया है कि चिराग को विधानसभा चुनाव में उतरना चाहिए वो भी किसी सामान्य (जनरल) सीट से। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
जब नेता पूरे बिहार का है, तो सीट का दायरा…
दरअसल, इस बात की जानकारी खुद अरुण भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स दी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “जब नेता पूरे बिहार का है, तो सीट का दायरा क्यों सीमित हो? कार्यकर्ताओं की भावना है कि इस बार चिराग पासवान जी बिहार विधानसभा के चुनाव में किसी आरक्षित सीट से नहीं, बल्कि एक सामान्य सीट से चुनाव लड़ें। चिराग पासवान अब सिर्फ एक समुदाय की नहीं, पूरे बिहार की उम्मीद हैं।” अरुण भारती का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि पार्टी कार्यकर्ता और चिराग का परिवार भी चाहता है कि वे राज्य की राजनीति में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं।
वर्तमान में हाजीपुर लोकसभा है MP
चिराग पासवान फिलहाल हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। साथ ही वे हाल ही में बनी मोदी सरकार 3.0 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनाए गए हैं। उन्होंने 9 जून 2024 को पद की शपथ ली थी। उन्हें पीएम मोदी का ‘हनुमान’ भी कहा जाता है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके संबंध बेहद मधुर और भरोसेमंद माने जाते हैं।
जब नेता पूरे बिहार का है, तो सीट का दायरा क्यों सीमित हो ?
कार्यकर्ताओं की यह भी भावना है कि इस बार @iChiragPaswan जी बिहार विधानसभा के चुनाव में किसी आरक्षित सीट से नहीं, बल्कि एक सामान्य सीट से चुनाव लड़ें – चिराग पासवान अब सिर्फ़ एक समुदाय की नहीं, पूरे बिहार की उम्मीद हैं।
— Arun Bharti (@ArunBhartiLJP) June 1, 2025
5 उम्मीदवारों की जीत के बाद बने मंत्री
चिराग पासवान के राजनीतिक सफर में एक समय ऐसा भी आया जब उनके चाचा पशुपति पारस ने पार्टी को तोड़ते हुए अपने साथ कुछ सांसदों को लेकर अलग गुट बना लिया था और वे भी एनडीए में शामिल हो गए थे। उस वक्त चिराग के पास पार्टी का कोई सांसद नहीं बचा था। लेकिन चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने अकेले दम पर एनडीए में फिर से अपनी जगह बनाई, अपने उम्मीदवारों को टिकट दिलवाया और चुनाव जीताकर दिखाया। उनकी पार्टी के पांच उम्मीदवारों की जीत के बाद चिराग को एनडीए सरकार में मंत्री पद भी मिला।
विधानसभा चुनाव लड़ने के क्या हैं संकेत ?
अब जब चिराग पासवान खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं और उनके बहनोई अरुण भारती ने भी इसका समर्थन किया है, तो यह साफ संकेत है कि चिराग बिहार की राजनीति में सीधी भागीदारी चाहते हैं। हालांकि वे केंद्रीय मंत्री हैं और ऐसे में उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना थोड़ी कम मानी जा सकती है, लेकिन राजनीतिक समीकरण और व्यक्तिगत रणनीति कुछ भी करवाने की ताकत रखते हैं।
NDA के प्रमुख चेहरों में से एक हैं चिराग
चिराग पासवान की स्थिति आज एनडीए के प्रमुख चेहरों में से एक के रूप में है। उनके पास न केवल केंद्र सरकार में मंत्रालय है, बल्कि अब उनकी राज्य की राजनीति में उतरने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं। अगर वे विधानसभा चुनाव लड़ते हैं, तो यह एनडीए की रणनीति और बिहार की राजनीति दोनों के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है।

