फिल्लौर: पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़े कदम के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज जालंधर के फिल्लौर में ‘नशा मुक्ति यात्रा’ की औपचारिक शुरुआत की। यह यात्रा राज्य सरकार के उस संकल्प का प्रतीक है, जिसमें हर गांव, हर वार्ड और हर मोहल्ले को नशे से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ग्रासरूट स्तर पर मुहिम की शुरुआत
इस ऐतिहासिक मुहिम की शुरुआत फिल्लौर के लखनपाल गांव से की गई, जहां भगवंत मान ने स्वयं मौजूद रहकर स्थानीय लोगों को नशे के खिलाफ लड़ाई में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं है, यह हर पंजाबवासी की है। जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे और नशे के खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक इस जहर को खत्म नहीं किया जा सकता।”
पिछले ढाई महीनों में पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार ने नशे के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू किया हुआ है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर नशे के तस्करों के ख़िलाफ़ एक्शन हो रहा है।
आज से पंजाब में नशा मुक्ति यात्रा शुरू हो रही है। ये यात्रा पंजाब के हर गांव और हर वार्ड में जाएगी। इस यात्रा के ज़रिए…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 16, 2025
अरविंद केजरीवाल की अपील, ‘हर गांव से उठेगी आवाज’
अरविंद केजरीवाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “पंजाब पुलिस और सरकार ने पिछले ढाई महीने में नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार किया है। लेकिन अब यह लड़ाई जन आंदोलन बनेगी। हर गांव और वार्ड में लोग शपथ लेंगे – खुद नशा नहीं करेंगे, नशा बेचने नहीं देंगे और नशे के आदी लोगों को इलाज दिलवाएंगे।”
गांव-गांव जागरूकता और भागीदारी
इस अभियान में पंचायतें, ग्राम रक्षा समितियां, पुलिस और जिला प्रशासन एक साथ मिलकर काम करेंगे। 2 से 4 मई के बीच पंजाब के सभी जिलों में बैठकें हुईं, जिनमें स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों को अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया गया। नशा मुक्ति यात्रा का उद्देश्य सिर्फ कानून के माध्यम से नशा रोकना नहीं, बल्कि जनभागीदारी के ज़रिए सामाजिक परिवर्तन लाना है।
सीएम हेल्पलाइन और पुनर्वास की व्यवस्था
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष हेल्पलाइन शुरू की है, जिस पर नागरिक गोपनीय रूप से नशा तस्करी की जानकारी दे सकते हैं। साथ ही, नशा छोड़ने की इच्छा रखने वालों के लिए राज्यभर में इलाज और पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्था को और मज़बूत किया गया है।
यात्रा का सामाजिक संदेश
नशा मुक्ति यात्रा का उद्देश्य केवल नशा रोधी जागरूकता नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक माहौल बनाना है। इस दौरान हर गांव और वार्ड में सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाएंगे, जहां स्थानीय लोग नशा मुक्त समाज की शपथ लेंगे।
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