नेशनल डेस्क : जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत सरकार और सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट के माध्यम से कहा कि अब समय आ गया है कि आतंकवाद और उसके मूल कारणों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के लोग आतंकवाद और निर्दोषों की हत्या के खिलाफ एकजुट हो चुके हैं और यह समर्थन बढ़ाना जरूरी है। उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि दोषियों को सजा दी जाए, लेकिन निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं होने दिया जाए।

TMC नेता अभिषेक बनर्जी का बयान
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी इस आतंकी हमले के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे का निर्णायक तरीके से सामना करने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान द्वारा जिम्मेदार आतंकवादी हमलों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जबकि चूक की गहराई से जांच करने की बजाय एक विशेष राजनीतिक विमर्श को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय समर्थन
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई देशों के प्रमुखों ने संपर्क किया और भारत के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने इस आतंकी हमले की निंदा की और भारत के साथ अपने सहयोग और समर्थन को व्यक्त किया। यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया भर के देशों का समर्थन प्राप्त है और वैश्विक स्तर पर इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
भारतीय सेना का एक्शन
भारत सरकार और सेना दोनों ही इस हमले के बाद एक्शन मोड में हैं। कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सेना द्वारा आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया जारी है, और इस कदम से कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सैन्य शक्ति को और भी मजबूत किया जा रहा है।
पहलगाम में हुए इस आतंकवादी हमले ने न केवल भारत को, बल्कि पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता को महसूस कराया है। भारत सरकार और सेना द्वारा उठाए गए कदमों से यह स्पष्ट है कि आतंकवादियों के खिलाफ कोई भी ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन भी भारत के संघर्ष को मजबूत बना रहा है।