अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के अंत की शुरुआत हो चुकी है और आतंकवाद ही उसके अंत का कारण बनेगा। उन्होंने हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि बजरंगबली ने रावण के दरबार में यही संदेश दिया था। पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देकर खुद को बर्बाद कर रहा है। भारतीय सेना की कार्रवाई में 124 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। यह गलती पाकिस्तान की है, जो आतंकियों को प्रश्रय दे रहा है। ये आतंकवाद पाकिस्तान को ले डूबेगा और इसमें ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अध्यात्मिक जगत में कोई अस्तित्व नहीं है। जिसका अपना वास्तविक अस्तित्व न हो, उसकी एक निश्चित लाइफ होती है। अब पाकिस्तान का समय पूरा हो गया है।
श्रीहनुमत कथा मंडपम का भव्य लोकार्पण
अपने एक दिवसीय अयोध्या दौरे के दौरान हनुमानगढ़ी में श्रीहनुमत कथा मंडपम का भव्य लोकार्पण करने के बाद योगी ने अयोध्या की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक प्रगति की चर्चा करते हुए सनातन धर्म की रक्षा और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हनुमानगढ़ी को भक्ति, शक्ति, बुद्धि और युक्ति का संगम बताते हुए इसे सनातन धर्म का एक अडिग गढ़ बताया।
श्री अयोध्या धाम में स्वयं प्रभु श्री रामलला विराजमान हैं, यहां के रक्षक देवता के रूप में श्री हनुमान जी महाराज हैं।
आज यहां पूज्य संतों के सान्निध्य में ‘श्री हनुमत कथा मण्डपम’ का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ है।
अयोध्या वासियों को हार्दिक बधाई!
जय जय श्री राम! pic.twitter.com/oJ8lHz0cGi
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 23, 2025
डबल इंजन की सरकार में अयोध्या का विकास डबल स्पीड से हुआः सीएम
सीएम योगी ने कहा पिछली सरकारों में अयोध्या को अव्यवस्थाओं में झोंककर इसे अपमानित करने का कार्य किया गया। वहीं 2014 और 2017 के बाद डबल इंजन की सरकार में अयोध्या का विकास डबल स्पीड से हुआ है। हमें अपने मित्र और शत्रुओं की पहचान रखना जरूरी है। देश को सनातन धर्म के मार्ग में बाधा डालने वालों को चिन्हित करना होगा। सनातन धर्म भारत के अस्तित्व की पहचान है और इसकी गरिमा और सम्मान के विरुद्ध हमें कुछ भी स्वीकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत हनुमानगढ़ी के त्रेतायुगीन टीले को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि यहां से हनुमान जी महाराज ने अयोध्या धाम की रक्षा की है। उन्होंने बाबा अभयराम दास जी महाराज को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह श्रीहनुमत कथा मंडपम बाबा अभयराम दास जी की दूरदर्शिता और वैष्णव अखाड़ों की सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उनकी कृपा से आज हम इस भव्य स्वरूप को देख रहे हैं। उन्होंने हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन, पूज्य संतों और नागाओं की प्रशंसा की, जिन्होंने एक-एक पाई बचाकर इस मंडपम का निर्माण किया।
योगी ने कहा कि हनुमानगढ़ी केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए योद्धा भाव का प्रतीक है। यह मंडपम आने वाली पीढ़ियों के लिए हनुमानगढ़ी के वैभव को संरक्षित रखेगा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी का यह मंडपम न केवल आध्यात्मिक केंद्र बनेगा, बल्कि सत्संग और कथाओं के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाएगा। उन्होंने हनुमानगढ़ी के नागाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आपका इतिहास सनातन धर्म के उस कालखंड की सेना के रूप में जाना जाता है, जब देश विधर्मियों आक्रांताओं से त्रस्त था तब अखाड़ों ने सनातन धर्म की रक्षा केलिए स्वयं को समर्पित किया था।

