नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भाजपा मंत्री कुंवर विजय शाह की गिरफ्तारी पर रोक को जारी रखने का आदेश दिया है। यह रोक उस समय जारी की गई थी जब मंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी। शाह ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला उठाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही को भी बंद करने का आदेश दिया है, क्योंकि अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विचार कर रहा है। कोर्ट ने कहा, “यहां (सुप्रीम कोर्ट) मामले को देखते हुए हाईकोर्ट को कार्यवाही बंद कर देनी चाहिए। समानांतर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने डीआईजी पुलिस द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट का भी अवलोकन किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन आईपीएस अधिकारियों की एक एसआईटी (विशेष जांच टीम) गठित की गई है और जांच के प्रारंभिक चरण में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जैसे कि गवाहों के बयान दर्ज करना और मोबाइल फोन जब्त करना। कोर्ट ने कहा कि एसआईटी की जांच जारी रहनी चाहिए और अगली स्थिति रिपोर्ट जुलाई में दाखिल की जाए।
मंत्री की टिप्पणी पर कोर्ट की प्रतिक्रिया
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने कुंवर विजय शाह की टिप्पणी को “गंदी, अशिष्ट और शर्मनाक” करार दिया था। मंत्री द्वारा कर्नल कुरैशी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर कोर्ट ने उन्हें फटकार भी लगाई थी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा था, “देश को आप (शाह) पर शर्म आती है। आपको ही माफी मांगनी है।” इस टिप्पणी के बाद शाह की पब्लिक माफी को कोर्ट ने निष्ठाहीन मानते हुए खारिज कर दिया था।
शाह की गिरफ्तारी पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और उनसे जांच में सहयोग करने को कहा था। इस मामले की सुनवाई में शाह के वकील ने कहा कि मंत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, लेकिन कोर्ट ने इसे नकारते हुए जांच को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश
इससे पहले, 14 मई को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर एफआईआर 14 मई तक दर्ज नहीं की जाती है, तो वह राज्य के पुलिस महानिदेशक के खिलाफ आदेश की अवमानना के लिए कार्यवाही करने पर विचार कर सकता है। हाईकोर्ट ने मंत्री के विवादित बयान पर स्वत: संज्ञान लिया था और इसके बाद पुलिस को शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद शाह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस विवाद की शुरुआत एक वीडियो क्लिप से हुई थी, जिसमें मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ टिप्पणी की थी। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। हालांकि, शाह ने बाद में स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर ले जाया गया था और उनका उद्देश्य कर्नल कुरैशी की बहादुरी की प्रशंसा करना था।

