नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के पीछे राजनीतिक मंशा है और यह कांग्रेस नेताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने की कोशिश है।
विपक्ष को दबाना चाहती है भाजपा
खरगे ने कहा कि इस मामले में कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने बताया, “यह मामला सिर्फ इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि भाजपा सरकार विपक्ष को दबाना चाहती है। सोनिया गांधी ने पार्टी के पुराने अखबार नेशनल हेराल्ड को आर्थिक तंगी के चलते बंद होने से बचाने के लिए ऋण और दान के जरिए उसे फिर से शुरू करने की कोशिश की थी। अब भाजपा यह कह रही है कि ऋण लेना ही गलत है, जो पूरी तरह बेबुनियाद है।”
कांग्रेस को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा
उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी। खरगे ने कहा, “हम जनता को बताना चाहते हैं कि कांग्रेस को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। जो गलत है, वो गलत है और हम कोर्ट में यह साबित करेंगे।”
रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ पर प्रतिक्रिया
जब उनसे गुरुग्राम जमीन सौदे को लेकर रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ पर सवाल पूछा गया, तो खरगे ने कहा, “यह उनका व्यक्तिगत मामला है। वह खुद जवाब देने में सक्षम हैं। इसका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।”
क्या है मामला?
एक दिन पहले ही ईडी ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे समेत कई अन्य लोगों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट)दायर की है। यह मामला अब 25 अप्रैल को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। यह शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 के तहत दर्ज की गई है।