नेशनल डेस्क: भारत के नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम द्वारा यह घोषणा किए जाने के बाद कि भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस पर सवाल उठाए हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि हमें नागरिकों से यह पूछना चाहिए कि वे कितनी प्रगति कर पाए हैं।
पवन खेड़ा ने खड़े किए सवाल
पवन खेड़ा ने कहा, “हमें यह देखना चाहिए कि प्रति व्यक्ति आय में क्या बदलाव आया है, अमीर और गरीब के बीच अंतर क्यों बढ़ रहा है, मध्यम वर्ग क्यों ईएमआई भरने के लिए संघर्ष कर रहा है, और क्यों बेरोजगारी 45 साल के रिकॉर्ड को तोड़ रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि हमें यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि नागरिकों को कितना फायदा हुआ है।
कांग्रेस और NDA नेताओं के बीच बयानबाजी
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, “महागठबंधन में सिर्फ यह बहस हो रही है कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, लेकिन एनडीए के लोग और पीएम मोदी का ध्यान भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने पर है। हम अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं, और मुझे यकीन है कि हम 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।”
यह टिप्पणी नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम के बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का इतिहास रच दिया है। सुब्रह्मण्यम ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत अगले 2-3 साल में जर्मनी को भी पीछे छोड़ सकता है।
अगले तीन साल में बन सकते हैं तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था
बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा, “हम अब 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं, और यह डेटा IMF से आया है। अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं। अगर हम अपनी योजनाओं पर टिके रहते हैं, तो अगले 2-3 सालों में हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकते हैं।”
2026 में 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि IMF की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की नाममात्र GDP 2026 तक 4,187 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है, जो जापान से कुछ ज्यादा होगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2024 तक दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन अब वह चौथे स्थान पर आ चुका है। IMF के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 2025 और 2026 में 6.2 प्रतिशत और 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो वैश्विक औसत से कहीं ज्यादा है। वैश्विक विकास दर 2025 में 2.8 प्रतिशत और 2026 में 3.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो भारत के बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाता है।

