Last Updated: October 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘भारत का संविधान सर्वोच्च है, संसद नहीं’, मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का अहम बयान

June 26, 2025

‘भारत का संविधान सर्वोच्च है, संसद नहीं’, मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का अहम बयान

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एक और महत्वपूर्ण बयान में कहा कि भारत का संविधान सबसे सर्वोच्च है, न कि संसद। उन्होंने इस बात को दोहराया कि लोकतंत्र के तीनों अंग कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका संविधान के अधीन काम करते हैं। सीजेआई ने यह बात अमरावती में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में कही।

संविधान की “मूल संरचना” सिद्धांत पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “कुछ लोग मानते हैं कि संसद सर्वोच्च है, लेकिन ऐसा नहीं है। संविधान इस देश का सर्वोच्च धर्म है। संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार है, लेकिन वह संविधान की मूल संरचना को नहीं बदल सकती।” सीजेआई ने केसवानंद भारती बनाम केरल राज्य मामले का हवाला देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1973 में “मूल संरचना सिद्धांत” को स्थापित किया था, जिसके तहत संसद संविधान के मूल ढांचे में कोई बदलाव नहीं कर सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीशों का कर्तव्य संविधान में निर्धारित किया गया है, और वे केवल सरकार के खिलाफ फैसले देने से स्वतंत्र नहीं हो सकते। एक न्यायाधीश को यह नहीं सोचना चाहिए कि लोग उनके फैसले के बारे में क्या सोचेंगे, बल्कि उसे केवल कानून के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।

बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश ने बुलडोजर एक्शन पर दिए गए अपने फैसले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आश्रय का अधिकार सर्वोच्च है और सरकारों को किसी भी आरोपी का घर गिराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “सरकारें किसी का घर नहीं गिरा सकतीं। हमें न्याय करते वक्त सिर्फ संविधान और कानून का पालन करना चाहिए।”

इटली में भी दिया था संविधान का महत्व
सीजेआई गवई ने इससे पहले 20 जून को इटली के मिलान में “सामाजिक-आर्थिक न्याय प्रदान करने में संविधान की भूमिका” पर चर्चा करते हुए कहा था कि “सरकारें जज और जूरी नहीं बन सकतीं।” उन्होंने वहां भी बुलडोजर फैसले और संविधान के आर्टिकल-21 का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि गरीब और पिछड़े लोगों के खिलाफ सरकारें किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं कर सकतीं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें