
नेशनल डेस्क: बिहार में इसी साल चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी यानी “सनातनी” अब केवल उसी उम्मीदवार को वोट देंगे जो गायों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए काम करेगा।
बिहार चुनाव में भी इसी सिद्धांत को अपनाएंगे
स्वामी जी ने कहा, “अब चाहे कोई भी चुनाव हो, हम सनातनी सिर्फ उसी को वोट देंगे जो गायों के लिए खड़ा होगा। कोई भी पार्टी सीधे तौर पर गायों के लिए नहीं खड़ी होती, इसलिए हम किसी पार्टी को नहीं, बल्कि उस उम्मीदवार को वोट देंगे जो गौरक्षा का समर्थन करेगा। हम बिहार चुनाव में भी इसी सिद्धांत को अपनाएंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में हम एक ऐसे उम्मीदवार की पहचान करेंगे और उसकी सूची भी जारी करेंगे।”
कांवड़ यात्रा पर भी अपनी राय रखी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कांवड़ यात्रा से जुड़ी कुछ धार्मिक परंपराओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्म निभाने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति को कांवड़ यात्रा करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कुछ नियमों का पालन करते हैं, जैसे नंगे पैर चलना, फलाहार करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना, झूठ न बोलना और सिर्फ एक बार भोजन करना।
पका हुआ खाना खरीदना सही नहीं
पके हुए खाने को लेकर उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में बाहर से पका हुआ खाना खरीदना सही नहीं माना गया है। उन्होंने कहा, “हमारे धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि पका हुआ खाना बेचना या खरीदना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। सिर्फ कच्चा सामान खरीदा और बेचा जा सकता है और यह अपवित्र नहीं माना जाता। यह पश्चिमी संस्कृति है जिसमें पका हुआ खाना बेचा जाता है।”
कब होंगे बिहार में चुनाव?
बिहार चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में होने की संभावना है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इस चुनाव में एक ओर महागठबंधन (RJD और कांग्रेस) है, तो दूसरी ओर एनडीए (BJP, JDU, LJP और HAM) के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।