Last Updated: October 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

CPEC Project : अफगानिस्तान तक होगा CPEC प्रोजेक्ट का विस्तार… पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन खेल रहा नया गेम

May 21, 2025

CPEC Project : अफगानिस्तान तक होगा CPEC प्रोजेक्ट का विस्तार… पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन खेल रहा नया गेम

नेशनल डेस्क : भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती करीबी को देखते हुए, चीन ने एक नया रणनीतिक दांव चला है। चीन ने पाकिस्तान और तालिबान के साथ सहयोग को मजबूत करते हुए चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को अफगानिस्तान तक विस्तार देने पर सहमति जताई है। बीजिंग में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस विस्तार का ऐलान किया।

बीजिंग में हुई त्रिपक्षीय बैठक

आपको बता दें कि बीजिंग में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, चीनी विदेश मंत्री वांग यी, और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने मिलकर अपने-अपने देशों में व्यापार, बुनियादी ढांचे और विकास को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद, इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और विकास के लिए एक साथ खड़े हैं।” यह बैठक तीन देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का संकेत देती है, लेकिन भारत के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कदम हो सकता है।

CPEC का विस्तार पर भारत की आपत्ती 

भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के किसी तीसरे देश में विस्तार पर कड़ा विरोध जताया है। भारत का कहना है कि CPEC का एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, और इसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले साल कहा था कि जो भी देश CPEC प्रोजेक्ट में शामिल होंगे, वे जम्मू-कश्मीर में भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करेंगे। भारत ने इस कारण से चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में शामिल होने से इंकार कर दिया है, जो कि लगभग 60 बिलियन डॉलर का एक विशाल प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में पाकिस्तान के जरिए एक बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य किए जाने हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है।

चीन का रणनीतिक कदम, अफगानिस्तान में बढ़ता प्रभाव

चीन की यह चाल इस डर से भी है कि भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते और अधिक मजबूत न हो जाएं। हाल ही में अफगानिस्तान ने चाबहार पोर्ट में रुचि दिखाई है, जो भारत ने ईरान के साथ मिलकर विकसित किया है। चीन को यह चिंता सता रही है कि यदि अफगानिस्तान, चाबहार पोर्ट को इस्तेमाल करना शुरू करता है, तो यह क्षेत्रीय व्यापार के संदर्भ में भारत के पक्ष में एक और रणनीतिक बढ़त हो सकती है।

इसके अलावा, जब तालिबान के साथ भारत के रिश्ते सुधरने लगे थे, तो चीन ने फिर से अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया। चीन पहले ही तालिबान की सरकार को मान्यता देने वाले देशों में सबसे आगे था, और अब CPEC के विस्तार के जरिए उसने अफगानिस्तान में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश की है।

(CPEC) का अफगानिस्तान तक विस्तार

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का अफगानिस्तान तक विस्तार, भारत के लिए चिंता का कारण बन सकता है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रास्ते से गुजरने वाले इस प्रोजेक्ट में अफगानिस्तान का शामिल होना भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाता है। वहीं, चीन द्वारा अफगानिस्तान के साथ करीबी बढ़ाने का उद्देश्य भी स्पष्ट है। भारत और अफगानिस्तान के बीच किसी भी तरह के सहयोग को रोकना। भारत इस कदम को पूरी तरह से नकारते हुए, भविष्य में अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता को बनाए रखने के लिए और अधिक रणनीतिक पहल कर सकता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें