नई दिल्ली। दिल्ली के वसंतकुंज स्थित आश्रम में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में फरार चल रहे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को पुलिस ने शनिवार देर रात आगरा के ताजगंज इलाके के एक होटल से गिरफ्तार किया। रविवार को उसे पटियाला हाउस कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने पुलिस की मांग पर आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
तीन खरब की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी स्वामी आश्रम की करीब तीन खरब रुपये से ज्यादा की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। इसके लिए उसने पीठ और ट्रस्ट के भरोसे को तोड़ा और धोखाधड़ी का सहारा लिया।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वसंतकुंज (नार्थ) थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज है।
60 लाख रुपये मासिक किराया भी हड़पता था
शिकायत के मुताबिक, आश्रम की कुछ इमारतें अलग-अलग कंपनियों को किराये पर दी गई थीं। इनसे हर महीने करीब 60 लाख रुपये किराया आता था। लेकिन स्वामी यह रकम ट्रस्ट को देने की बजाय खुद रख लेता था। इस मामले की शिकायत आश्रम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने दर्ज कराई थी।
18 बैंक खाते और 28 एफडी का पता चला
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि स्वामी और उसके ट्रस्ट के नाम पर 18 बैंक खाते और 28 फिक्स्ड डिपॉजिट हैं। इनमें कुल मिलाकर करीब 18 करोड़ रुपये जमा मिले हैं। पुलिस ने सभी बैंक खातों को सीज कर दिया है। बताया जा रहा है कि ज्यादातर रकम श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए जमा की गई थी।
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