Last Updated: September 22, 2026

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Delhi March के लिए इस दिन रवाना होगा 101 किसानों का जत्था… सरवन सिंह ने किया बड़ा ऐलान

December 10, 2024

Delhi March के लिए इस दिन रवाना होगा 101 किसानों का जत्था… सरवन सिंह ने किया बड़ा ऐलान

Farmer Protest at Shambhu Border  : नई दिल्ली। दिल्ली मार्च को लेकर किसानों ने अब नई तारीख का ऐलान कर दिया है। इससे पहले भी 6 और 8 दिसंबर को भारी संख्या में किसानों ने दिल्ली कूच करने का प्रयास किया था, पर प्रशासन के सामने उनकी एक न चली। अब किसानों ने एक बार फिर कमर कसते हुए दिल्ली कूच करने के नई तारीख का ऐलान कर दिया है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने हमेशा बातचीत का स्वागत किया है। पर अभी तक सरकार की तरफ से हमसे कोई संपर्क नहीं किया गया है। नए तारीखों को लेकर कहा गया कि वह जल्द ही यानी 14 दिसंबर को दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। आइए जानते है इस पूरे मामले को विस्तार से…

आंदोलन के पूरे हुए 303 दिन…

आपको बता दें कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन अब 303 दिन पूरे कर चुका है। इस दौरान किसानों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से बातचीत की उम्मीद जताई थी, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। आंदोलनकारियों ने यह घोषणा की है कि 14 दिसंबर को शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए पैदल रवाना होगा।

खनौरी पर आमरण अनशन जारी

वहीं इस समय खनौरी सीमा पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई बातचीत शुरू नहीं की गई है। डल्लेवाल का कहना है कि सरकार किसानों की मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिसके कारण आंदोलन और तीव्र हो गया है।

मुख्य उद्देश्य सरकार से बातचीत शुरू करना…

बता दें कि किसान आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकार से बातचीत शुरू करना और विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई है। किसान संगठन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सरकार उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार करे और जल्द ही वार्ता का सिलसिला शुरू करे। इसके साथ ही, आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर भी किसानों में आक्रोश है, और वे इन किसानों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

फ़िल्मी सितारों, गायकों और धार्मिक नेताओं से समर्थन की अपील

किसान नेता पंढेर ने फ़िल्मी सितारों, गायकों और धार्मिक नेताओं से भी अपील की है कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें। उनका कहना है कि इस संघर्ष को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है कि देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व इसका समर्थन करें। वे चाहते हैं कि इन महत्वपूर्ण हस्तियों के समर्थन से आंदोलन को और मजबूती मिले और सरकार पर दबाव बढ़े।

किसानों की आस्था और अरदास का आयोजन

किसान मोर्चा की जीत के लिए बुधवार को विभिन्न गुरुद्वारों और धार्मिक स्थानों पर अरदास (प्रार्थना) का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर किसान नेता और समर्थक अपनी आस्था को मजबूती से व्यक्त करेंगे और भगवान से अपनी मांगों के लिए सहायता की प्रार्थना करेंगे।

केंद्र सरकार से बातचीत की उम्मीद

किसानों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे चाहते हैं कि सरकार उनके मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान दे और जल्द ही वार्ता का शुरूवात हो। यह आंदोलन देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और किसानों ने अपने हक के लिए लड़ाई को और तेज करने का निर्णय लिया है।

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