नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए कुल 34 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो बिना किसी वैध दस्तावेज़ के भारत में रह रहे थे।
पहला मामला: वजीरपुर, उत्तर-पश्चिम दिल्ली
भारत नगर थाना क्षेत्र में विदेशी प्रकोष्ठ (Foreigners Cell) ने मंगलवार को खास खुफिया जानकारी के आधार पर एक विशेष तलाशी अभियान चलाया। इसमें 18 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जिनमें 6 वयस्क और 12 बच्चे शामिल हैं।
वजीरपुर जेजे कॉलोनी में आकर छिप गए
उत्तर-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) भीष्म सिंह ने बताया कि इन सभी लोगों ने पहले हरियाणा में ईंट भट्ठों पर मजदूरी की थी। जब हरियाणा पुलिस ने इन पर कार्रवाई की तो ये दिल्ली के वजीरपुर जेजे कॉलोनी में आकर छिप गए। ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।
पुलिस ने वजीरपुर की 45 गलियों और 36 पगडंडियों की तलाशी ली। पूछताछ के बाद एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेशी है, जिसके आधार पर बाकी 17 लोगों को भी पकड़ा गया। पुलिस को इनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र और IMO ऐप इंस्टॉल एक स्मार्टफोन भी मिला है, जो संदेह को और गहरा करता है। इन सभी को विदेशी प्रकोष्ठ को सौंप दिया गया है और निर्वासन (deportation) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सीमापुरी इलाके में 16 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
कुछ दिन पहले, शाहदरा जिला पुलिस और विदेशी सेल की संयुक्त टीम ने दिल्ली के सीमापुरी इलाके में 16 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा के पास शहीद नगर इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद की गई। पुलिस ने सीमापुरी में घुसने की कोशिश कर रहे एक समूह को मुखबिर की पहचान और निगरानी के आधार पर रोक लिया।
इन 16 लोगों में 4 पुरुष, 5 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे 18–19 साल पहले बांग्लादेश से भारत में आ गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने गांवों में गरीबी और काम की कमी की वजह से भारत आए थे और दिल्ली में बसने की कोशिश कर रहे थे।
बिना वीजा भारत में दाखिल हुए: DCP प्रशांत गौतम
शाहदरा के DCP प्रशांत गौतम ने बताया कि ये सभी लोग बिना वीज़ा या किसी वैध दस्तावेज़ के भारत में दाखिल हुए थे, जो विदेशी अधिनियम, 1946 और अन्य कानूनों का उल्लंघन है।

