
नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बोइंग 787 और 737 विमानों के इंजन फ्यूल स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह कदम एअर इंडिया के अहमदाबाद में हुए हादसे पर भारतीय एयरक्राफ्ट जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। डीजीसीए ने सभी भारतीय रजिस्टर्ड विमानों के लिए 21 जुलाई 2025 तक इस जांच को पूरा करने का निर्देश दिया है।
डीजीसीए ने कहा कि यह जांच एयरवर्थीनेस डायरेक्टिव्स के आधार पर की जा रही है जो State of Design/Manufacture द्वारा जारी किए गए हैं। यह आदेश सभी भारतीय रजिस्टर्ड विमानों, इंजन और कंपोनेंट्स पर लागू होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ऑपरेटर्स ने पहले ही अपने विमान बेड़े की जांच शुरू कर दी है और एयरलाइन ऑपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे 21 जुलाई तक अपनी जांच पूरी कर लें और संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अहमदाबाद में एअर इंडिया फ्लाइट AI171 के हादसे की जांच में यह सामने आया कि विमान का रखरखाव रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विमान के पास सभी वैध उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र थे और जरूरी जांच पूरी की गई थी। हालाँकि, पायलटों के बीच संचार की समस्या सामने आई थी, जिसमें एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि फ्यूल स्विच क्यों बंद किया गया था, जबकि दूसरे पायलट ने ऐसा करने से इनकार किया। यह घटना स्विच और उसके लॉकिंग मैकेनिज़्म पर सवाल उठाती है।
इस प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद, एतिहाद एयरवेज़ और अन्य प्रमुख एयरलाइनों ने भी बोइंग 787 विमानों के फ्यूल स्विच लॉकिंग मैकेनिज़्म की जांच शुरू कर दी है। एतिहाद ने अपने इंजीनियरों से इसे विशेष रूप से जांचने का निर्देश दिया है, और अन्य एयरलाइंस भी इस दिशा में कदम उठा रही हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...