नई दिल्ली: लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस हो गई। बहस उस समय शुरू हुई जब अमित शाह संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की जानकारी दे रहे थे, जिनमें पाकिस्तान से आए तीन आतंकियों को मार गिराया गया था।
शाह का हमला, पाकिस्तान से आपकी बात होती है क्या?
अमित शाह ने जैसे ही बताया कि तीनों आतंकी मारे गए हैं और उनके पास से वही हथियार मिले हैं जिनसे हमारे नागरिक मारे गए थे, विपक्ष की ओर से अखिलेश यादव ने कुछ टिप्पणी की। इसके जवाब में अमित शाह ने सीधा सवाल पूछ लिया, पाकिस्तान से आपकी बात होती है क्या।
आतंकी मारे गए, फिर भी चेहरों पर खुशी नहीं?
गृह मंत्री ने कहा कि वे उम्मीद कर रहे थे कि जब आतंकियों के मारे जाने की खबर सुनाई जाएगी तो पूरा सदन खुशी से गूंज उठेगा, लेकिन विपक्ष के चेहरे पर “सियाही छा गई”। उन्होंने कहा, “इसमें अगर किसी को चुनावी भाषण लगता है, तो उसकी समझ पर सवाल है। आतंकवाद पर भी राजनीति हो रही है।”
छह वैज्ञानिकों ने पुष्टि की: वही गोलियां इस्तेमाल हुईं
शाह ने कहा कि इस हमले में जिन गोलियों का इस्तेमाल हुआ था, उनकी वैज्ञानिक जांच हुई है और छह वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि वही गोलियां आतंकियों के पास से मिलीं जो पहलगाम हमले में इस्तेमाल हुई थीं। शाह ने भावुक होते हुए कहा कि हमले के बाद वे खुद पहलगाम गए थे, और पीड़ित परिवारों से मिले थे। उन्होंने कहा, “छह दिन पहले जिसकी शादी हुई थी, वो महिला विधवा होकर मेरे सामने खड़ी थी। वो दृश्य मैं कभी नहीं भूल सकता।”
हमने मारा, आपने क्या किया: कांग्रेस पर वार
अमित शाह ने कहा कि जब वे विपक्ष के सवाल सुनते हैं कि आतंकी कहां से आए, तो जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “हां, हम सरकार में हैं तो जिम्मेदारी हमारी है, लेकिन जब आप सरकार में थे, तब आपने जिम्मेदारी क्यों नहीं ली?” इसके बाद उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय देश छोड़कर भागे दाऊद इब्राहिम, सैयद सलाउद्दीन, और टाइगर मेनन जैसे आतंकियों का नाम लिया और पूछा, “आपने क्या किया? हमले करने वाले आतंकियों को हमारी सेना ने मार गिराया, लेकिन तब आप क्या कर रहे थे?”

