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Switzerland पर 31, चीन पर 54%… Donald Trump ने भारत पर नए टैरिफ का किया ऐलान, जानिए क्या कहते है Experts

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े ऐलान में नए टैरिफ का जिक्र किया है। इस घोषणा के बाद भारत के लिए एक अजीबोगरीब खबर सामने आई है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि अमेरिका भारत पर 26% नहीं, बल्कि 27% टैरिफ लगाएगा। आइए जानते है क्या है पूरा मामला और इसका भारत पर क्या पड़ेगा असर…

ट्रंप का टैरिफ ऐलान

आपको बता दें कि ट्रंप ने वाइट हाउस के गार्डन में खड़े होकर टैरिफ का ऐलान किया। उन्होंने अपने इस ऐलान के दौरान एक पोस्टर दिखाया जिसमें यह बताया गया था कि किस देश पर कितना टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप ने बताया कि भारत उनके सामानों पर 52% का टैक्स लगाता है, जबकि भारत पर 26% का रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया जाएगा।

भारत पर टैरिफ में बदलाव

हालांकि, अब जो रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक वाइट हाउस के आधिकारिक आदेश में भारत पर 26% की बजाय 27% टैरिफ लागू किया जाएगा। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आधिकारिक दस्तावेज़ को ही सही माना जाएगा। इस हिसाब से यह निश्चित है कि भारत पर 27% का टैरिफ लगाया जाएगा, न कि पहले बताया गया 26%।

भारत के लिए अवसर का मौका

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने का कदम भारत के लिए एक अवसर हो सकता है। यह भारत को वैश्विक व्यापार और विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका दे सकता है।

किस सामान पर क्या टैरिफ लगेगा?

अजय श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि भारत से निर्यात होने वाले कुछ सामानों पर यह टैरिफ लागू होगा:

इसके अलावा, शेष उत्पादों के लिए भारत पर 27% का रेसिप्रोकल टैरिफ लागू किया जाएगा।

भारत के मुकाबले अन्य देशों पर अधिक टैरिफ

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि भारत के मुकाबले कई देशों पर अधिक टैक्स लगाया गया है। उदाहरण के तौर पर:

इसलिए, भारत पर लागू होने वाला 27% का टैरिफ अपेक्षाकृत कम है, जो भारत को कई क्षेत्रों में बढ़त दे सकता है। ट्रंप के इस नए टैरिफ ऐलान से जहां भारत को एक चुनौती का सामना करना पड़ेगा, वहीं यह उसे वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति सुधारने का भी अवसर दे सकता है। भारत को इस मौके का फायदा उठाने के लिए रणनीतिक कदम उठाने की आवश्यकता होगी, ताकि वह दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी जगह बना सके।

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