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‘कांग्रेस और वामपंथियों का वोट बैंक न बने’, किरेन रिजिजू की मुस्लिम समुदाय से अपील

April 15, 2025

‘कांग्रेस और वामपंथियों का वोट बैंक न बने’, किरेन रिजिजू की मुस्लिम समुदाय से अपील

नेशनल डेस्क: केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के लिए सिर्फ वोट बैंक न बनें। उन्होंने कहा कि जब किसी समुदाय को केवल वोट बैंक माना जाता है, तो उसके साथ वस्तुओं जैसा व्यवहार होता है।

कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के वोट बैंक न बनें
कोच्चि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) से भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को वोट बैंक की राजनीति छोड़ देनी चाहिए। रिजिजू ने कहा, “मैंने संसद में कांग्रेस और यूडीएफ से कहा कि वे वोट बैंक की राजनीति न करें। किसी भी समुदाय को सिर्फ वोट बैंक समझना गलत है। मैं अपने मुस्लिम भाइयों और बहनों से भी अपील करता हूं कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के वोट बैंक न बनें, वरना उनके साथ वस्तु की तरह व्यवहार किया जाएगा।”

वक्फ अधिनियम में क्या बदलाव किया गया?
रिजिजू ने बताया कि वक्फ अधिनियम में जो बदलाव किए गए हैं, वे किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। बल्कि, इनका उद्देश्य पुराने कानून की खामियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि भारत में जमीन बहुत कीमती है और किसी की जमीन को बिना उचित प्रक्रिया के छीना नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “हमने कानून में बदलाव इसलिए किया है ताकि कोई भी किसी की जमीन को जबरदस्ती वक्फ संपत्ति घोषित न कर सके। पहले वक्फ बोर्ड को बहुत ज्यादा अधिकार थे, जिससे कई बार आम लोगों के साथ अन्याय हुआ।”

केरल के मुनंबम का उदाहरण
मंत्री ने केरल के मुनंबम गांव का उदाहरण दिया, जहां करीब 600 मछुआरे कई सालों से जमीन पर रह रहे थे और सरकार को टैक्स भी दे रहे थे। लेकिन अचानक केरल वक्फ बोर्ड ने उस 404 एकड़ जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया। इससे गांव वालों को बड़ा झटका लगा। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने फैसला किया कि अब किसी भी जमीन को ऐसे मनमाने तरीके से वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा।

नया कानून बन चुका
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में पारित हुआ। इसके बाद 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन गया है। रिजिजू ने अंत में कहा, “हमारा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ काम करना नहीं है, बल्कि सबको न्याय दिलाना और जमीन की रक्षा करना है।”

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