Droupadi Murmu Speech : 15 अगस्त को पूरा भारत 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस खास अवसर से पहले, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी देशवासियों को संबोधित किया और शुभकामनाएं दीं। इस संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस ऐसे दिन हैं, जिन्हें सभी भारतीय बड़े गर्व और उत्साह के साथ मनाते हैं। ये दिन हमें याद दिलाते हैं कि हम भारतीय होने पर गर्व क्यों महसूस करते हैं। 15 अगस्त की तारीख हमारे दिल और दिमाग में हमेशा के लिए दर्ज है।
आजादी का सपना और संघर्ष
ब्रिटिश शासन (औपनिवेशिक शासन) के लंबे दौर में देश के लोगों की कई पीढ़ियों ने एक ही सपना देखा एक दिन हमारा देश आज़ाद होगा। गांव-शहर, छोटे-बड़े, पुरुष-महिला, बूढ़े-जवान सभी विदेशी हुकूमत की बेड़ियों को तोड़ने के लिए बेचैन थे।
आजादी के बाद हमारे देश की प्रगति को नई ऊर्जा मिली
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह संघर्ष निराशा का नहीं, बल्कि मजबूत उम्मीद और विश्वास का था। इसी उम्मीद ने आज़ादी के बाद हमारे देश की प्रगति को नई ऊर्जा दी।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त की सुबह जब हम तिरंगे को सलामी देंगे, तो हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना चाहिए, जिनके बलिदान से भारत को 78 साल पहले आज़ादी मिली थी। उनके साहस, बलिदान और समर्पण के कारण ही हम आज स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं।
2047 तक विकसित भारत का टारगेट
उन्होंने कहा कि समाज के तीन ऐसे वर्ग हैं, जो देश को प्रगति के मार्ग में आगे बढ़ाएंगे। ये वे हैं, युवा, महिला और लंबे समय तक हाशिये पर रहे लोग. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से कई बदलाव किए गये। रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। नए आत्मविश्वास भरपूर युवा खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं. राष्ट्रीय खेल नीति के अनुरूप ऐसे बदलाव की परिकल्पना कर रहे हैं, जिसके बल पर भारत वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभरेगा.

