इंटरनेशनल डेस्क: कनाडा के टोरंटो में 11 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान एक घटना घटी जिसने धार्मिक भावनाओं को आहत किया। रथयात्रा के दौरान किसी ने पास की एक बिल्डिंग से रथ पर अंडे फेंके, जिससे यात्रा में बाधा डालने की कोशिश की गई।
घटना का पूरा ब्यौरा
जैसे ही रथ यात्रा चल रही थी, अचानक पास की बिल्डिंग से अंडे फेंके गए, जो भगवान जगन्नाथ के रथ के पास सड़क पर गिर गए। यह निंदनीय घटना एक एनआरआई महिला द्वारा वीडियो में रिकॉर्ड की गई, जिसमें उसने कहा, “हमने रथ यात्रा नहीं रोकी, और नफरत कभी भी विश्वास को नहीं हरा सकती।” यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” और त्योहार की भावना के खिलाफ बताया। भारत ने कनाडा सरकार से इस मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
कनाडा में हिंदुओं पर हमले
यह पहला मामला नहीं है जब कनाडा में हिंदुओं के खिलाफ इस तरह के हमले हुए हों। इससे पहले भी खालिस्तानी समर्थकों द्वारा हिंदू विरोधी रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं, जैसे कि पिछले दो महीने पहले टोरंटो में हुई खालिस्तानी समर्थकों की रैली, जिसमें 8 लाख हिंदुओं को भारत वापस भेजने की धमकी दी गई थी। इसके अलावा, 10 जुलाई को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित सरे शहर के एक कैफे पर फायरिंग हुई, जिसका जिम्मा खालिस्तानी आतंकवादी हरजीत लाडी ने लिया।
खालिस्तानी तत्वों का खतरा
कनाडा में सिखों की बड़ी आबादी होने के कारण कुछ अराजक तत्व खालिस्तान मुद्दे पर सिख समुदाय को भड़काने की कोशिश करते हैं। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बयान जारी कर कपिल शर्मा के कैफे पर फिर से हमले की धमकी दी है, जो इस मामले को और गंभीर बनाता है। कनाडा में हिंदुओं पर पहले भी इस तरह के हमले हो चुके हैं, और भारत सरकार ने बार-बार इस पर चिंता जताई है।

