नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को चेतावनी दी कि वे या तो महाराष्ट्र और कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करें, या अपने “बेतुके” आरोपों के लिए देश से माफी मांगें। ईसीआई के सूत्रों के मुताबिक, अगर राहुल गांधी अपने आरोपों को सही मानते हैं तो उन्हें बिना हिचकिचाए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करना चाहिए।
ईसीआई ने राहुल गांधी से क्या पूछा
ईसीआई ने राहुल गांधी से पूछा, “क्या आपको अपने विश्लेषण पर विश्वास है?” अगर हां, तो घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करें, वरना माफी मांगें। उन्होंने कहा, “यदि आप हस्ताक्षर नहीं करते, तो इसका मतलब है कि आप अपने आरोपों पर विश्वास नहीं करते और आपको देश से माफी मांगनी चाहिए।”
कब शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 “फर्जी वोट” डालने का आरोप लगाया था, जिसका फायदा बीजेपी को हुआ। राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई।
If (Congress MP & LoP) Rahul Gandhi believes in his analysis and believes that his allegations against ECI are true, he should have no problem in signing the Declaration. If Rahul Gandhi does not sign the Declaration, it would mean that he does not believe in his analysis and…
— ANI (@ANI) August 8, 2025
मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कड़ा जवाब
राहुल गांधी के आरोपों पर कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को एक हलफनामे पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता है और उन्होंने शपथ पत्र में यह स्पष्ट करने को कहा कि वह किस प्रकार के “फर्जी वोट” का दावा कर रहे हैं।
इसके अलावा, महाराष्ट्र के चुनाव अधिकारियों ने भी राहुल से कहा कि वह अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करें और एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करें। सीईओ ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से “पारदर्शी तरीके से” की गई थी और कांग्रेस पार्टी ने उस दौरान कोई आपत्ति नहीं जताई थी, जब अगस्त और सितंबर 2024 में मतदाता सूची उनके साथ साझा की गई थी।

