नई दिल्ली: लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2024 में हुए महाराष्ट्र चुनाव ‘मैच फिक्सिंग’ थे और इसमें बीजेपी ने लोकतंत्र के साथ धोखा किया। इस पर चुनाव आयोग (ECI) ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे ‘बेतुका’ और ‘बेबुनियाद’ कहा है।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने एक आर्टिकल लिखा और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि महाराष्ट्र चुनाव में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसे ‘धांधली का ब्लूप्रिंट’ बताया। उन्होंने पाँच चरणों में चुनाव को “चुराने” का तरीका बताया:
1. चुनाव आयोग की नियुक्ति में गड़बड़ी
2. मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़ना
3. मतदान प्रतिशत बढ़ाना
4. फर्जी वोटिंग करना, खासकर उन्हीं जगहों पर जहां बीजेपी को जीत दिलानी थी
5. सभी सबूत छिपा देना
राहुल गांधी ने आगे कहा कि इस तरह की “मैच फिक्सिंग” लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और इससे जनता का भरोसा खत्म होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे खुद सबूत देखें और सवाल पूछें, क्योंकि यही तरीका बिहार समेत दूसरे राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने शनिवार, 7 जून को राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को 24 दिसंबर 2024 को ही इस विषय पर विस्तृत जवाब दिया गया था। ये जानकारी आयोग की वेबसाइट पर भी मौजूद है। बार-बार वही आरोप लगाना, उपलब्ध तथ्यों की अनदेखी करना है। आयोग ने कहा कि इस तरह के आरोप न केवल कानून का अपमान हैं, बल्कि चुनाव में ईमानदारी से काम कर रहे हजारों पार्टी प्रतिनिधियों और लाखों सरकारी कर्मचारियों का भी अपमान है। आयोग ने इसे “राजनीतिक हताशा से प्रेरित” और “लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास” बताया।