नेशनल डेस्क : पहलगाम आतंकी हमले में 27 निर्दोष लोगों की मौत के बाद केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक बेहद अहम बैठक चल रही थी, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद थे। इस बैठक में सुरक्षा हालात, पाकिस्तान की भूमिका और आगे की रणनीति पर विचार किया गया। वहीं अब यह बताया जा रहा है कि दोनों के नेताओं के बीच अब बैठक पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। बता दें कि यह बैठक 40 मिनट तक हुई।
सेना प्रमुख और CDS के साथ गहन चर्चा
हमले के तुरंत बाद से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगातार उच्चस्तरीय बैठकों में व्यस्त हैं। रविवार को उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान के साथ मुलाकात की थी। इसके पहले उन्होंने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ भी विस्तृत बातचीत की थी। सेना प्रमुख ने हमले के बाद खुद पहलगाम और श्रीनगर का दौरा किया था और मौके पर मौजूद अफसरों से पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी और घुसपैठ की जानकारी ली थी।
पाकिस्तान पर कूटनीतिक और प्रशासनिक दबाव
हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें प्रमुख हैं…
-सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को समाप्त करने पर विचार
-पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना
-आतंकी संगठनों के समर्थकों के खिलाफ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई
इन फैसलों के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान और आतंकवाद दोनों के खिलाफ एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है।
2 बार संबोधित कर चुके PM मोदी
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। दोनों संबोधनों में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उनके बयान से यह संकेत भी मिला कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रियावादी नहीं, बल्कि रणनीतिक और निर्णायक कार्रवाई के पक्ष में है।
क्या कोई बड़ा फैसला होगा?
प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में चल रही इस बैठक में जिस तरह से सभी बड़े सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं, उससे साफ है कि जल्द ही कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह फैसला सैन्य, कूटनीतिक या दोनों स्तरों पर हो सकता है। सरकार की मंशा साफ है। अब आतंकवाद के हर स्रोत को जड़ से खत्म करना।
सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सिर्फ निंदा नहीं, निर्णायक कार्रवाई होगी। प्रधानमंत्री से लेकर सेना और सुरक्षा एजेंसियों तक, सभी स्तरों पर संवाद और योजना बन रही है। पाकिस्तान और आतंकवादियों के लिए यह एक सीधा संदेश है कि भारत अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।

