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यूरोपीय संघ ने उठाया बड़ा कदम, अमेरिकी टैरिफ पर 90 दिनों के लिए लगाई रोक

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार संबंधों में जारी तनाव के बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गुरुवार को एक अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ अपने जवाबी कदमों को 90 दिनों के लिए टाल देगा, ताकि बातचीत को एक मौका दिया जा सके।

बातचीत सफल नहीं रही, तो कार्रवाई तय
वॉन डेर लेयेन ने चेतावनी दी कि अगर इन 90 दिनों में बातचीत से कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला, तो यूरोपीय संघ अपनी जवाबी कार्रवाई लागू करेगा। उन्होंने कहा कि EU अपने सभी विकल्पों को खुले रखे हुए है और आगे की कार्रवाई की तैयारियां जारी हैं।

 

एक्स पर दी जानकारी
उर्सुला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “हमने राष्ट्रपति ट्रम्प की घोषणा पर ध्यान दिया है। हम बातचीत को एक मौका देना चाहते हैं। यूरोपीय संघ अपने जवाबी उपायों को अपनाने की तैयारी कर चुका है, लेकिन हम इन्हें 90 दिनों के लिए रोक रहे हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “अगर वार्ता सफल नहीं रही तो हम अपने जवाबी कदम जरूर उठाएंगे।”

ट्रम्प ने 75 देशों पर टैरिफ रोकने की घोषणा की
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की थी कि अमेरिका 75 से अधिक देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, के खिलाफ टैरिफ लगाने के फैसले को 90 दिनों के लिए स्थगित करेगा। इन देशों ने अमेरिका की व्यापार नीतियों पर आपत्ति जताते हुए जवाबी कदम नहीं उठाए हैं और अमेरिका के विभिन्न विभागों के माध्यम से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।

चीन पर टैरिफ बढ़ाया, EU के लिए नरमी
हालांकि, ट्रम्प ने चीन पर टैरिफ बढ़ाकर 125% कर दिया है। यह कदम तब आया जब चीन ने अमेरिकी सामानों पर 84% तक टैरिफ लगा दिया। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “विश्व बाजारों के प्रति चीन के रवैये को देखते हुए हम चीन पर टैरिफ बढ़ा रहे हैं।” वहीं दूसरी ओर, ट्रम्प ने EU जैसे देशों के लिए कुछ नरमी दिखाते हुए कहा, “मैंने 90 दिन का विराम और इस दौरान पारस्परिक टैरिफ में 10% की कटौती को अधिकृत किया है। यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा।”

वॉन डेर लेयेन का टैरिफ पर रुख
वॉन डेर लेयेन ने ट्रम्प की इस घोषणा का स्वागत किया और कहा, “यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की दिशा में एक अहम कदम है। व्यापार और सप्लाई चेन के लिए स्थिर और पारदर्शी माहौल जरूरी है। टैरिफ केवल व्यवसायों और उपभोक्ताओं को ही नुकसान पहुंचाते हैं।”उन्होंने लंबे समय से EU और अमेरिका के बीच “शून्य-से-शून्य टैरिफ” (Zero-for-zero tariffs) की वकालत की है।

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