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मुंबई की सुरक्षा पर बड़ी बैठक: फडणवीस बोले- पाकिस्तान को मिला मुंहतोड़ जवाब, अब सीधे युद्ध की हिम्मत नहीं

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि भारत की सेना ने पाकिस्तान को उसकी असली जगह दिखा दी है। उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को समझ में आ गया है कि वह भारत से सीधे युद्ध नहीं लड़ सकता।

मुंबई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस और आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं। लेकिन उन्होंने साथ ही यह चेतावनी भी दी कि पाकिस्तान अब सीधे हमले की बजाय छिपकर वार (छद्म युद्ध) कर सकता है। फडणवीस ने कहा कि चूंकि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, इसलिए यह आतंकियों के लिए हमेशा एक बड़ा निशाना रहा है। इसी कारण उन्होंने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए सेना और सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की।

क्या हुआ बैठक में?
बैठक में राज्य और देश की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर मुंबई की सुरक्षा तैयारियों की गहराई से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजीत पवार भी शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, “मुंबई पर 26/11 जैसे हमले दोबारा न हों, इसके लिए हमें पूरी तरह सतर्क रहना होगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सेना को खुली छूट देने के लिए धन्यवाद दिया।

बैठक में कौन-कौन शामिल थे?
इस सुरक्षा समीक्षा बैठक में सेना, नौसेना, वायुसेना के बड़े अधिकारी और राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इनमें भारतीय सेना से लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, कर्नल संदीप सील, भारतीय नौसेना से रियर एडमिरल अनिल जग्गी, कमांडर नितेश गर्ग और भारतीय वायुसेना से एयर वाइस मार्शल रजत मोहन शामिल रहे। इसके अलावा मुंबई पुलिस, गृह विभाग, खुफिया एजेंसियां, नगर निगम, एटीएस, होम गार्ड, और स्टॉक एक्सचेंज के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में इन अहम मुद्दों पर बातचीत हुई जैसे, खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली को मजबूत करना। तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल कर सुरक्षा को और बेहतर बनाना। संभावित खतरे से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाना और राज्य और केंद्र की एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना।

क्यों हुई यह बैठक?
हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई। उसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। हालांकि भारत और पाकिस्तान ने बाद में सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति जताई, लेकिन कुछ ही घंटों में पाकिस्तान ने एक बार फिर समझौते का उल्लंघन किया और भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने कई पाकिस्तानी ड्रोनों को गिरा दिया।

26/11 की याद
एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2008 के 26/11 मुंबई हमलों की तरह मुंबई को फिर से निशाना बनाए जाने की आशंका रहती है। उस हमले में 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस बार हमें पहले से ज्यादा तैयार रहना होगा।

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