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किसानों ने पंजाब तो BPSC छात्रों ने बिहार को किया बंद… जानिए क्या हैं पूरा मामला

बिहार : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की हाल ही में हुई परीक्षा को लेकर छात्रों में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। छात्र लगातार परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग ने छात्रों की इस मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस बीच, छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और अब बिहार बंद और चक्का जाम जैसे बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप

आपको बता दें कि13 दिसंबर को हुई बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कई छात्रों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। छात्र कह रहे हैं कि परीक्षा में गड़बड़ी के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है। ऐसे में छात्रों ने इस परीक्षा को रद्द करने की मांग की है, लेकिन आयोग ने इस मांग को नकारा है और परीक्षा के परिणामों को सही बताया है।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

छात्रों का गुस्सा बढ़ने के बाद पटना समेत बिहार के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। इसके अलावा, छात्रों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई से छात्र और अधिक नाराज हो गए हैं और उनकी आक्रोश की लहर और भी बढ़ गई है।

30 दिसंबर को बिहार बंद और चक्का जाम

जिसके बाद छात्रों के द्वारा  30 दिसंबर को छात्र संगठनों ने बिहार बंद और चक्का जाम का ऐलान किया है। इस दिन सभी प्रमुख सड़कें और इलाके चक्का जाम होंगे। छात्र इस कदम के जरिए अपनी आवाज उठाना चाहते हैं और परीक्षा रद्द करने की अपनी मांग को मजबूती से प्रस्तुत करना चाहते हैं। बिहार बंद का असर राज्य भर में दिखने की संभावना है।

राजनीतिक दलों का समर्थन

छात्रों के प्रदर्शन को अब राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। भाकपा-माले जैसे राजनीतिक दलों ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया है। माले ने 30 दिसंबर को होने वाले चक्का जाम को सही बताया और इस मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़ा होने का ऐलान किया है। इससे छात्र आंदोलन को और बल मिला है।

किसानों ने किया पंजाब बंद 

इसके साथ ही आज पंजाब के किसान संगठनों ने राज्य भर में पंजाब बंद का आह्वान किया है। यह बंद किसान हितों और उनकी मांगों को लेकर किया जा रहा है। पंजाब बंद का असर अब राज्य भर में नजर आने लगा है, और किसान सुबह से ही सड़कों पर उतर आए हैं।

बंद का प्रभाव

आज सुबह 6:30 बजे से किसान संगठनों के विभिन्न समूह पंजाब के राजमार्गों और रेलवे स्टेशनों पर इकट्ठा होने लगे हैं। इन किसानों ने सड़क और रेल यातायात को बाधित करने की योजना बनाई है। बंद का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार से अपनी मांगों को मानने का दबाव बनाना है।

आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी

हालांकि, पंजाब बंद के दौरान आम जनता को परेशानियों का सामना हो सकता है, लेकिन आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस, अस्पताल, और अन्य आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी। राज्य सरकार और प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि बंद का असर इन महत्वपूर्ण सेवाओं पर न पड़े।

बंद का समय

बता दें कि पंजाब बंद आज सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसानों का उद्देश्य राज्य सरकार के खिलाफ दबाव बनाना है ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। वे केंद्र सरकार से अपनी लंबित मांगों पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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