
नेशनल डेस्क : FIITJEE कोचिंग संचालकों ने विभिन्न राज्यों के 14,411 छात्र-छात्राओं से एडवांस फीस के रूप में 250.02 करोड़ रुपये जमा कराए थे, लेकिन जनवरी माह में बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कोचिंग सेंटर बंद कर दिए। इस धोखाधड़ी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी जांच की है और कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
250 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी…
ED की जांच के दौरान पता चला कि छात्रों से शैक्षणिक सत्र 2028-29 तक की एडवांस फीस ली गई थी। इनमें से लगभग 206 करोड़ रुपये वर्तमान में चल रहे बैचों के छात्रों से जमा कराए गए थे। इस धोखाधड़ी में कुल 14,411 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इन छात्रों से फीस की रकम शैक्षणिक सत्रों के हिसाब से ली गई थी, जैसे कि:
ED की छापेमारी और साक्ष्य का खुलासा
ED ने दिल्ली के वसंत विहार स्थित कोचिंग संचालक डीके गोयल के आवास समेत अन्य स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, 10 लाख रुपये नकद और 4.89 करोड़ रुपये के जेवर जब्त किए गए। ईडी की जांच से यह भी पता चला कि कोचिंग सेंटर के संचालक ने कोचिंग सेंटर के अध्यापकों और कर्मचारियों को कई महीनों का वेतन भी नहीं दिया था। ईडी ने यह मामला मनी लांड्रिंग का आधार बनाकर जांच शुरू की थी, क्योंकि कोचिंग सेंटर की वित्तीय अनियमितताएं और धोखाधड़ी सामने आ रही थी।
कोचिंग सेंटर के बंद होने का कारण
फिटजी के 32 कोचिंग सेंटर बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बंद कर दिए गए थे, जिससे छात्रों में हड़कंप मच गया। इससे छात्रों को अपनी फीस का वापस मिलना मुश्किल हो गया है, और कोचिंग सेंटर की गतिविधियों पर सवाल उठ रहे हैं।
यह स्कैम छात्रों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि उन्हें न केवल फीस के रूप में बड़ी रकम चुकानी पड़ी, बल्कि अब उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी शिक्षा का भविष्य क्या होगा। ईडी की जांच इस मामले की गहराई तक जा रही है, और इसके माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि इस धोखाधड़ी के पीछे और क्या बड़े आरोप हो सकते हैं।
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