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Fire Kerala Ship : अरब सागर में कंटेनर जहाज में लगी भीषण आग, 18 लोगों को बचाव दल ने किया रेस्क्यू

नेशनल डेस्क :  9 जून 2025 को केरल के कोझिकोड जिले के बेपोर तट के पास एक बहुत ही गंभीर समुद्री हादसा हुआ। सिंगापुर के झंडे तले चलने वाले कंटेनर जहाज एमवी वान हाई 503 में अचानक आग लग गई। यह जहाज कोलंबो से निकलकर न्हावा शेवा (मुंबई) की ओर जा रहा था। घटना सुबह लगभग 9:30 बजे हुई, जब जहाज के डेक के नीचे एक विस्फोट हुआ और उसके बाद आग फैल गई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

नौसेना और तटरक्षक बल ने शुरू किया बचाव…

आपको बता दें कि जहाज पर कुल 22 चालक दल के सदस्य सवार थे। जैसे ही आग लगी, 18 सदस्य जहाज छोड़कर समुद्र में लाइफ राफ्ट यानी बचाव नौकाओं में कूद गए। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने तुरंत ही बचाव अभियान शुरू किया। उनके तेज़ और कुशल काम के चलते ये 18 नाविक सुरक्षित बाहर निकाले गए। लेकिन दुर्भाग्य से, इस घटना में 4 चालक दल के सदस्य अभी भी लापता हैं। इसके अलावा 5 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बचाव अभियान की स्थिति

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने बहुत तेजी से काम किया। न्यू मैंगलोर से ICGS राजदूत, कोच्चि से ICGS अर्नवेश और अगत्ती से ICGS सचेत को बचाव और राहत कार्य के लिए भेजा गया। साथ ही, एक ICG Dornier विमान भी जहाज के ऊपर उड़ान भरकर स्थिति की जांच कर रहा है। जहाज समुद्र में बह रहा है और आग धीरे-धीरे फैलती जा रही है। तटरक्षक बल ने जहाज पर लगी आग को बुझाने के लिए विशेष फायर फाइटिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

आग लगने के कारण और खतरे

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोट जहाज के डेक के नीचे हुआ था, जिससे आग लग गई। जहाज में कई कंटेनर लदे थे, जिनमें से कुछ समुद्र में गिर गए हैं। इससे समुद्र में प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। इसलिए बचाव दल की प्राथमिकता अब जीवन रक्षा, आग को नियंत्रित करना और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा करना है।

इस घटना का महत्व

यह घटना समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा चेतावनी संदेश है, खासकर उन कंटेनर जहाजों के लिए जिनमें खतरनाक और ज्वलनशील सामान होता है। इससे यह सवाल फिर उठता है कि समुद्र में ऐसे जहाजों की सुरक्षा और उनके कंटेनरों की निगरानी कैसी होनी चाहिए। अभी लापता नाविकों की तलाश जारी है और आग पर नियंत्रण पाने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की तत्परता और बेहतर समन्वय ने इस गंभीर परिस्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केरल तट के पास यह समुद्री हादसा एक यादगार घटना बन गया है, जिसमें 18 चालक दल के सदस्यों को बचाया गया लेकिन कुछ लोग अभी भी लापता हैं। इससे समुद्री सुरक्षा के मानकों को और कड़ा करने की आवश्यकता महसूस होती है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

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