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’10 सालों से सरकार परेशान कर रही, यह बदले की कार्रवाई’, रॉबर्ट वाड्रा की संपत्ति जब्ती पर बोले राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से रॉबर्ट वाड्रा को परेशान किया जा रहा है। यह बयान उस वक्त आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वाड्रा और उनकी कंपनियों से जुड़ी 43 अचल संपत्तियों को जब्त किया है, जिनकी कुल कीमत लगभग 37.64 करोड़ रुपये बताई गई है।

राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मेरे बहनोई को पिछले दस सालों से इस सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। यह नवीनतम आरोपपत्र उसी ‘जासूसी’ का एक और प्रयास है। मैं रॉबर्ट, प्रियंका और उनके बच्चों के साथ खड़ा हूँ क्योंकि उन्हें दुर्भावनापूर्ण, राजनीतिक रूप से प्रेरित बदनामी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई की जीत होगी और वाड्रा परिवार इस उत्पीड़न का डटकर और गरिमा के साथ सामना करेगा।

 

ईडी की कार्रवाई, क्या है मामला?

एक दिन पहले ईडी ने वाड्रा और उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी 43 संपत्तियां जब्त कीं। साथ ही वाड्रा और 10 अन्य के खिलाफ आरोप पत्र (Prosecution Complaint) भी दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में दायर किया गया। यह मामला वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में ज़मीन खरीद से संबंधित है।

आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़ से 3.53 एकड़ जमीन धोखाधड़ी से खरीदी थी। गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में 1 सितंबर 2018 को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। इसी आधार पर ईडी ने 16 जुलाई 2025 को संपत्तियों की अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया।

रॉबर्ट वाड्रा की प्रतिक्रिया

रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वाड्रा कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। अभी अदालत ने आरोप पत्र को स्वीकार नहीं किया है, इसलिए उन्हें खुद आरोपों की जांच का मौका भी नहीं मिला है। यह पूरी जांच राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।

बता दें कि, यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर सरकार की एजेंसी ईडी वाड्रा पर आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। आगे क्या होगा, यह अब अदालत की कार्रवाई और जांच पर निर्भर करेगा।

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