नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी सोमवार को भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े हुए तनाव और हाल ही में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा की गई कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति को समक्ष जानकारी देंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं। बैठक में मुख्य रूप से इस ऑपरेशन के कूटनीतिक, सैन्य और क्षेत्रीय प्रभावों पर चर्चा होने की संभावना है।
-ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा करेंगे विदेश सचिव
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव बढ़ चुका है, खासकर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे पाकिस्तान की आतंकवादियों को समर्थन देने की नीति का हिस्सा बताया था। इसके बाद भारतीय सेना ने सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक सैन्य टकराव चलता रहा, लेकिन अंततः 10 मई को दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी की इस आगामी ब्रीफिंग में भारतीय विदेश नीति के प्राथमिक मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मिसरी की प्रस्तुति इस पर होगी कि कैसे भारत बदलते सुरक्षा परिदृश्य और वैश्विक राजनीति के बीच अपनी विदेश नीति को पुनर्गठित कर रहा है, विशेषकर पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में।
-भारत-पाकिस्तान संबंधों की जटिलता
सूत्रों के अनुसार, मिसरी इस बैठक में भारत-पाकिस्तान संबंधों की जटिलता और सैन्य तत्परता बनाए रखने के महत्व को स्पष्ट करेंगे। इसके अलावा, वह सीमा पार सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा करेंगे।
यह ब्रीफिंग इसलिए भी विशेष महत्व रखती है क्योंकि भारतीय विदेश नीति में पाकिस्तान के साथ जटिल और संवेदनशील रिश्तों को संभालने की चुनौती बनी हुई है। विक्रम मिसरी इससे पहले भी संसद के विभिन्न समितियों को विदेश नीति के प्रमुख विषयों पर जानकारी दे चुके हैं, जिनमें बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों और कनाडा जैसे देशों के साथ कूटनीतिक रिश्तों की ताज़ा स्थिति शामिल रही है।
-बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में होगी बैठक
इसके साथ ही, बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की अध्यक्षता में जल संसाधन समिति की भी एक बैठक होगी, जिसमें मानसून, बाढ़ नियंत्रण, नदी तट संरक्षण, और सीमा पार नदियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी। भारत-पाकिस्तान संबंधों के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इस ब्रीफिंग की अहमियत इस बात से और बढ़ जाती है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति में कूटनीतिक और सैन्य संतुलन बनाए रखना अत्यधिक जरूरी है।

