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पूर्व CM विजय रूपाणी का आज होगा अंतिम संस्कार, बेटे ऋषभ बोले- इस दुख की घड़ी में सभी मृतकों को…

नेशनल डेस्क : गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का पार्थिव शरीर आज 16 जून को परिजनों को सौंप दिया गया है। अहमदाबाद विमान हादसे में उनकी मौत की पुष्टि डीएनए जांच के जरिए हुई। इस भीषण हादसे में अब तक 97 शवों की डीएनए पहचान हो चुकी है, जिनमें से 35 शव उनके परिवारों को सौंपे जा चुके हैं। आज विजय रूपाणी का नाम भी इस सूची में शामिल हो गया है। जिसके बाद उनके शव को परिवारवालों को सौप दिया गया है। पत्नी अंजलि रूपाणी ने अपने पति को भावुक विदाई दी। इसके साथ ही वहां राजनीतिक जगत के कई लोग पूर्व सीएम को भावुक विदाई देने पहुंच रहे है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

पूरे गुजरात में शोक की लहर

दरअसल, पूर्व सीएम विजय रूपाणी के निधन से पूरा गुजरात शोक में डूबा हुआ है। राज्यभर में उनकी अंतिम यात्रा को लेकर गंभीर और गरिमामय वातावरण बना हुआ है। नेता से लेकर आम जनता तक हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि देने को तैयार है। उनकी अंतिम यात्रा राजकीय सम्मान के साथ आयोजित की जा रही है।

बेटे ऋषभ रूपाणी का भावुक संदेश

विजय रूपाणी के बेटे ऋषभ रूपाणी ने एएनआई को दिए एक बयान में अपना गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा “यह समय हमारे लिए ही नहीं, बल्कि उन 270 परिवारों के लिए दुखद है जिन्होंने इस हादसे में अपने लोगों को खोया है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सभी मृत आत्माओं को मोक्ष प्राप्त हो।” ऋषभ ने सभी राहत एवं बचावकर्मियों, स्वास्थ्य स्टाफ, पुलिस, आरएसएस स्वयंसेवकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को इस कठिन समय में मिले सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

अंतिम यात्रा का पूरा शेड्यूल

विजय रूपाणी की अंतिम यात्रा की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। यह यात्रा कई चरणों में पूरी होगी

गांधीनगर से अहमदाबाद

अहमदाबाद से राजकोट तक

राजकोट में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि

राजकोट में रूपाणी के समर्थकों और जन प्रतिनिधियों को अंतिम दर्शन का अवसर मिलेगा…

इस दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, पार्टी कार्यकर्ता, समाजसेवी और आम लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

एक युग का अंत

विजय रूपाणी का निधन न सिर्फ भाजपा के लिए, बल्कि पूरे गुजरात के लिए एक युग के अंत जैसा है। एक शांत, विकासशील छवि के नेता के तौर पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनका जाना राजनीतिक, सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से बहुत बड़ी क्षति है।

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