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पूर्व क्रिकेटर से लेकर बॉलीवुड स्टार्स तक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में फंसे

नेशनल डेस्क : पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह, हरभजन सिंह, और सुरेश रैना के साथ-साथ बॉलीवुड कलाकार सोनू सूद और उर्वशी रौतेला का नाम एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में सामने आया है। इन सभी के खिलाफ ईडी (एंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) जांच कर रही है। मामला अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स के प्रचार से जुड़ा है, जिसमें विशेष रूप से 1xBet जैसे प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म शामिल हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

1xBet जैसे प्लेटफॉर्म का धोखाधड़ी वाला प्रचार

दरअसल, ईडी का मानना है कि ये ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म गलत तरीके से और सेलिब्रिटीज की मदद से बड़ी संख्या में लोगों को फंसा रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म विज्ञापन के जरिए यूजर्स को आकर्षित करते हैं, लेकिन असल में यह भारतीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं।

कैसे काम करता है ये सिस्टम?

ईडी के अनुसार, 1xBet जैसे प्लेटफॉर्म अपने प्रचार में वेब लिंक और QR कोड का इस्तेमाल करते हैं, जो यूजर्स को सीधे असली अवैध सट्टेबाजी साइट्स पर ले जाते हैं। ये प्लेटफॉर्म खुद को स्किल-बेस्ड गेम बताकर खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इनके सिस्टम में एक रिग्ड (निर्धारित) एल्गोरिथम होता है, जिससे ये सट्टेबाजी के दायरे में आते हैं।

महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला

यह पहली बार नहीं है जब ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स की जांच की गई हो। 2023-24 में एक बड़ा मामला सामने आया था, जिसे महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला कहा जाता है। इस घोटाले में कई राजनीतिज्ञों के नाम जुड़े थे, जिनमें पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूषण बघेल का भी नाम था। उन पर आरोप था कि उन्होंने इस घोटाले से लाभ उठाया। हालांकि, भूषण बघेल ने इसे राजनीतिक साजिश बताया था।

महादेव के प्रमोटर और एक्स्ट्राडिशन केस

महादेव सट्टा घोटाले के प्रमोटर फिलहाल दुबई में हैं और एक्स्ट्राडिशन (भारत प्रत्यर्पण) का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सट्टेबाजी को जारी रखने के लिए कई नए ऐप्स बनाए। ईडी का कहना है कि इस घोटाले से अवैध लाभ ₹6,000 करोड़ से भी ज्यादा हुआ। इस मामले से स्पष्ट होता है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी देश में एक बड़ी समस्या बन चुकी है। सेलिब्रिटी प्रमोशन से यह और ज्यादा फैल रहा है, इसलिए जांच एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं। कानून के अनुसार, ऐसे प्लेटफॉर्म और उन्हें प्रमोट करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।

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