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पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की आज पुण्यतिथि, राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: आज देश ने अपने महान सपूत, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहुंचकर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर दोनों शीर्ष नेताओं ने वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। भारत की प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनका योगदान अमिट है। उनका सेवाभाव हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

श्रद्धांजलि देने वालों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। अटल जी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य ने भी परिवार की ओर से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

अटल जी का प्रेरणादायक राजनैतिक सफर

25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के उन सितारों में शामिल रहे, जिनका व्यक्तित्व दलगत सीमाओं से ऊपर था। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने पहली बार 1996 में 13 दिन के लिए, दूसरी बार 1998 में और फिर 1999 में पूर्ण बहुमत के साथ। उनका कार्यकाल 2004 तक चला।

वे देश के ऐसे पहले गैर-कांग्रेसी नेता बने, जिन्होंने पूर्णकालिक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और सरकार को सफलतापूर्वक पांच वर्षों तक चलाया। उनके कार्यकाल में भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किया, स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क परियोजना की नींव रखी गई, और पड़ोसी देशों के साथ शांति स्थापना के प्रयास किए गए।

सम्मान और विरासत

राजनीति में चार दशकों से भी अधिक समय तक सक्रिय रहे वाजपेयी न केवल एक कुशल प्रशासक बल्कि एक प्रखर वक्ता और कवि भी थे। वर्ष 1992 में उन्हें पद्म विभूषण, 1994 में ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ का पुरस्कार और 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।

उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहा। 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनके विचार, नीति और नेतृत्व की छाया आज भी भारतीय राजनीति और समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

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