नेशनल डेस्क : 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाई है। बुधवार को उन्होंने चार अहम बैठकों में हिस्सा लिया, जिनमें CCS (केंद्रीय सुरक्षा समिति), CCPA (केंद्रीय कैबिनेट सुरक्षा समिति), CCEA (केंद्रीय कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति) और कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की। इसके साथ ही इस हमले ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ ला दिया है और इसके बाद भारतीय सरकार ने अपनी सुरक्षा नीति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB ) में बदलाव…
आपको बता दें कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) में बदलाव किए हैं और पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ इस सात सदस्यीय बोर्ड में तीनों सेनाओं के सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल होंगे, जो भारत की रक्षा नीति और सुरक्षा मुद्दों पर सलाह देंगे।
बोर्ड के नए सदस्य
आलोक जोशी के नेतृत्व में, बोर्ड में शामिल नए सदस्य पूर्व सैन्य अधिकारी हैं, जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में सलाह देने का कार्य करेंगे। इनमें शामिल हैं:
-पूर्व पश्चिमी एयर कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा
-पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह
-रेयर एडमिरल मॉन्टी खन्ना (सैन्य सेवा से रिटायर)
-राजीव रंजन वर्मा (पूर्व आईपीएस अधिकारी)
-मनमोहन सिंह (पूर्व आईपीएस अधिकारी)
-बी वेंकटेश वर्मा (पूर्व विदेश सेवा अधिकारी)
यह कदम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है, और यह दिखाता है कि सरकार सुरक्षा मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने वाली है।
सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठन किया है।
पूर्व R&AW प्रमुख आलोक जोशी को इस बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूर्व पश्चिमी एयर कमांडर एयर मार्शल पी.एम. सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह और रियर एडमिरल मोंटी खन्ना सैन्य सेवाओं… pic.twitter.com/rRUmnABJd5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 30, 2025
PM मोदी की सक्रिय भूमिका
हालांकि, बुधवार को उन्होंने चार अहम बैठकों में हिस्सा लिया, जिनमें सीसीएस (केंद्रीय सुरक्षा समिति), सीसीपीए (केंद्रीय कैबिनेट सुरक्षा समिति), सीसीईए (केंद्रीय कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति) और कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पीएम मोदी ने कई कठोर निर्णय लिए हैं, जो पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण बने हैं। पाकिस्तान ने अपनी गतिविधियों के बारे में रूस, अमेरिका और तुर्की से बातचीत की और संयुक्त राष्ट्र को यह बताया कि भारत का आरोप बेबुनियाद है, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान की लगातार हरकतें
वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद उसकी हरकतें जारी हैं। पाकिस्तान एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और भारत के कुछ क्षेत्रों में फायरिंग की जा रही है। इस बीच, भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया है। बुधवार को भी पाकिस्तान ने एलओसी पर सीजफायर तोड़ा, जिसे भारतीय सेना ने पूरी ताकत से नकारा किया।भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति में सरकार ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने सुरक्षा मामलों में कड़े निर्णय लिए हैं और पाकिस्तान की हरकतों को लेकर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। अब देखना यह होगा कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत के कड़े कदम और सुरक्षा उपाय किस हद तक प्रभावी साबित होते हैं।

