इंटरनेशनल डेस्क: फ्रांस में बड़ी राजनीतिक हलचल मची है। देश के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है। लेकोर्नू ने हाल ही में एक नया मंत्रिमंडल बनाया था, लेकिन वे एक महीने से भी कम समय तक ही प्रधानमंत्री के पद पर रह सके। वे अपने पूर्ववर्ती फ्रांस्वा बायरू की जगह पिछले एक साल में फ्रांस के चौथे प्रधानमंत्री बने थे।
लेकोर्नू के मंत्रिमंडल के चुनाव को राजनीतिक हलकों में आलोचना का सामना करना पड़ा। खासकर इस बात पर विवाद हुआ कि उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री ब्रूनो ले मायेर को फिर से रक्षा मंत्री बनाया। इसके अलावा, कई अन्य बड़े पदों पर पुराने मंत्री ही बने रहे। जैसे, ब्रूनो रिताइलो- आंतरिक मंत्री, जीन-नोएल बारोत- विदेश मंत्री, गेराल्ड डर्मैनिन- न्याय मंत्री। इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों ने नाराजगी जताई।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विरोधियों ने इस इस्तीफे का फायदा उठाने की कोशिश की है। दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली ने मैक्रों से या तो नए चुनाव कराने या खुद इस्तीफा देने की मांग की है। वहीं, वामपंथी दल फ्रांस अनबोड ने भी मैक्रों के इस्तीफे की बात कही है।
पिछले कुछ महीनों से फ्रांस की राजनीति में अस्थिरता बनी हुई है। खासकर तब से जब मैक्रों ने पिछले साल अचानक चुनाव कराए, जिससे राष्ट्रीय सभा में गहरा विभाजन हो गया। दक्षिणपंथी और वामपंथी सांसदों के पास मिलकर 320 से ज्यादा सीटें हैं।
वहीं, मध्यमार्गी और उनके सहयोगी रूढ़िवादी दलों के पास लगभग 210 सीटें हैं। इस विभाजन ने सरकार चलाना मुश्किल बना दिया है और राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है। फ्रांस की राजनीति अब नए मोड़ पर है और आने वाले दिनों में इसके असर साफ़ दिखेंगे।