नेशनल डेस्क। गुजरात के गांधीनगर जिले के बहियाल गांव में 25 सितंबर को गरबा कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि एक सोशल मीडिया स्टेटस को लेकर दो पक्षों में झगड़ा शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया। इस दौरान भीड़ ने गरबा खेल रहे लोगों पर पत्थर फेंके और कई दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की। हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक कई दुकानों और गाड़ियों को नुकसान पहुंच चुका था। CCTV फुटेज में साफ देखा गया कि भीड़ हिंदू समुदाय की दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ कर रही थी। अब इसस मामले में सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। आइये जानते हैं इसे विस्तार से…
सरकार का बड़ा एक्शन
इस घटना के बाद अब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने उन लोगों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है, जो इस हिंसा में शामिल पाए गए। गुरुवार सुबह ही प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया। पहले फेज में 186 अवैध कब्जों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
VIDEO | Gandhinagar, Gujarat: Demolition drive underway in Bahiyal village under Dehgam taluka. Ravi Teja Vasamsetty, SP, Gandhinagar, says, “Action is being taken against total 186 commercial establishments. SDM, Panchayat officials and 300 police personnel are present here to… pic.twitter.com/RSF53rONna
— Press Trust of India (@PTI_News) October 9, 2025
भारी सुरक्षा के बीच बुलडोजर चला
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की है ताकि कोई नई गड़बड़ी न हो। करीब 20 JCB मशीनें अवैध निर्माण गिराने में लगी हैं और 50 ट्रकों के जरिए मलबा हटाने का काम चल रहा है। सरकार के R&B (Roads and Buildings) विभाग की जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से दुकानें बना रखी थीं। इन्हीं दुकानों को आज तोड़ने की कार्रवाई की गई।
60 से 70 लोगों हुए गिरफ्तार
गांधीनगर के SP रवि तेजा वसमशेट्टी ने बताया कि हिंसा के बाद पुलिस ने 60 से 70 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कई आरोपी आपराधिक गतिविधियों में पहले भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने जांच के बाद इन्हें नोटिस भेजा और अब इनकी अवैध संपत्तियों को गिराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 50 से अधिक दुकानदार ऐसे हैं, जिनकी दुकानों पर बुलडोजर चला है और जिनका नाम हिंसा में शामिल लोगों की लिस्ट में है।
सूरज निकलते ही शुरू हुआ अभियान
प्रशासन ने सुबह-सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही बुलडोजर एक्शन शुरू किया ताकि किसी तरह का विरोध न हो सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन को मुक्त कराने और कानून-व्यवस्था को सख्त संदेश देने के लिए की जा रही है।
हिंसा और अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं
गुजरात सरकार ने साफ कहा है कि राज्य में दंगा, हिंसा या अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि जो भी कानून हाथ में लेगा, उसकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

