नेशनल डेस्क। कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। इस दर्दनाक घटना के खिलाफ राजनीतिक दलों और छात्रों ने जमकर विरोध किया। राज्य सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा ने ममता सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और इस दौरान केंद्रीय मंत्री व बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार को हिरासत में ले लिया गया।
कांग्रेस छात्र परिषद का प्रदर्शन
कांग्रेस की छात्र इकाई छात्र परिषद ने कोलकाता के कस्बा थाना के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि इस मामले की न्यायिक जांच (जज द्वारा निगरानी में जांच) होनी चाहिए।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस अपराध को छिपाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
भाजपा का भी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन
शनिवार को भाजपा ने भी विरोध का ऐलान किया और दोपहर 12 बजे गरियाहाट चौराहे पर प्रदर्शन शुरू हुआ। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार कर रहे थे।
प्रदर्शन के कारण गरियाहाट का मुख्य रास्ता कुछ समय के लिए बंद हो गया। जब भाजपा नेता और कार्यकर्ता कस्बा थाने की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोका। सुकांत मजूमदार और अन्य नेताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस पर पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और बहस हो गई।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को घेरा
वहीं बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर घेरा। सुवेंदु ने कहा कि महिला मुख्यमंत्री के शासन में बंगाल में महिलाएं व लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू करने और सेना व केंद्रीय बलों को तैनात करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी की चेतावनी
जब पुलिस ने प्रदर्शन रोकने को कहा, तो सुकांत ने पूछा, “यहां धारा 144 (भीड़ इकट्ठा करने पर रोक) लागू नहीं है, तो हमें क्यों रोका जा रहा है?” पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं थी, और बैरिकेड तोड़ने की वजह से उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
पुलिस ने जांच के लिए SIT बनाई
कोलकाता पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। इस टीम का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त प्रदीप घोषाल कर रहे हैं। SIT को कहा गया है कि वह जल्दी से जल्दी सबूत जुटाए और आरोपियों के खिलाफ पुख्ता मामला बनाए। फॉरेंसिक टीम भी सबूत इकट्ठा करने में लगी हुई है।

